अमित शाह पर कसा कानूनी शिकंजा, तीन मुकदमे दर्ज
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उत्तर प्रदेश में भाजपा के चुनाव प्रभारी और पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के सिपहसलार नेता अमित शाह के खिलाफ मुजफ्फरनगर में मुकदमा दर्ज हुआ है। शाह के खिलाफ बिजनौर और शामली में भी मुकदमा दर्ज है।
अमित शाह के खिलाफ शनिवार को मुजफ्फरनगर में धारा 188, 123(3) लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
जबकि उनके खिलाफ शामली में 125 लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत और बिजनौर में 153(ए) व 125 लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
मुजफ्फरनगर में हुए शाह पर मुकदमे
भाजपा के यूपी प्रभारी अमित शाह के खिलाफ बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी रामकुमार की तहरीर पर नई मंडी कोतवाली और एसडीएम जानसठ बाबूराम की तहरीर पर ककरौली थाने में धारा 188 और 123 लोक अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। एसपी सिटी श्रवण कुमार का कहना है कि सम्मेलन में दिए गए भाषणों के आधार पर अमित शाह के खिलाफ दोनों रिपोर्ट दर्ज की गई है।
नई मंडी कोतवाली और ककरौली थाने में उनके खिलाफ धर्म-जाति के आधार पर वोटों के ध्रुवीकरण की कोशिश करने और निषेधाज्ञा के उल्लंघन के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। अमित शाह ने चार अप्रैल को शहर के एक बैंक्वेट हॉल और ककरौली थाना क्षेत्र के गांव जड़वड़ कटिया में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया था। शाह ने गुर्जर, क्षत्रिय और अनुसूचित जाति के लोगों को अलग-अलग संबोधित किया था। इसमें उन्होंने मतदान के दिन कमल के निशान का बटन दबाकर ‘प्रतिशोध’ लेने की बात कही थी।
इसके अलावा कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी पर भ्रष्टाचार और बसपा सुप्रीमो मायावती पर दलितों के नाम पर राजनीति करने के भी आरोप लगाए थे। ककरौली के जड़वड़ कटिया में हुए सम्मेलन में भी अमित शाह ने लगभग इसी तरह के बयान दिए थे।
चुनाव आयोग से अनुरोध करेंगे शाह
भाजपा नेता व मोदी के खास सिपहसालार अमित शाह चुनाव आयोग को जल्द ही पत्र भेजकर खुद पर लगे प्रतिबंध के फैसले पर पुनर्विचार का अनुरोध करेंगे। यहां एक बयान में शाह ने कहा कि उन्होंने मुजफ्फनगर में जो बयान दिया था वह किस संदर्भ में था इस बारे में आयोग को वे अपने जवाब में जानकारी देंगे।
अमित शाह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि चुनाव आयोग ने शनिवार शाम तक उन्हें जवाब देने को कहा है। वे अपने जवाब में आयोग से प्रतिबंध के आदेश पर फिर से विचार करने का अनुरोध करेंगे।
अमित शाह ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में कहा कि वे चुनाव आयोग का पूरा सम्मान करते हैं। आयोग से नोटिस मिलने के बाद से उन्होंने उत्तर प्रदेश में कोई चुनावी कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लिया है। मैं चुनाव आयोग को अपने भाषण के संबंध में यह स्पष्ट करूंगा कि किस संबंध में उन्होंने अपनी बात कही थी। मेरे पास बयान के संबंध में उचित स्पष्टीकरण है। मैं आयोग को अपने जवाब में यह सब लिखूंगा।
शाह पर कार्रवाई एकतरफा: लक्ष्मीकांत
लोकसभा चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश के प्रभारी और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता अमित शाह के खिलाफ चुनाव आयोग ने एकतरफा कार्रवाई की है। यह कहना है कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेई का।
वाजपेई ने आरोप लगाया कि शाह पर कार्रवाई समाजवादी पार्टी के नेता आजम खां पर की गई कार्रवाई को बैलेंस करने के लिए की गई।
वाजपेई ने अमित शाह का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने वोट के जरिये तकदीर बदलने की बात की थी लेकिन उसे गलत तरीके से पेश किया गया। कहा कि शाह पर लगे प्रतिबंध को हटाने के लिए चुनाव आयोग से अनुरोध किया जाएगा।