राज्यसभा: और जब मिनटों में 3 बिल हो गए पास
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सरकार और विपक्ष की सहमति के बाद सोमवार को राज्यसभा में अनुसूचित जाति/ जनजाति अत्याचार निवारण संशोधन बिल बिना किसी चर्चा के सर्वसम्मति से पास हो गया।
सोमवार को भोजनावकाश के बाद कुछ ही मिनटों के भीतर एससी/एसटी बिल के साथ दो विनियोग बिल भी पारित कर दिया गया।
इन बिलों के पारित हो जाने के बाद सदन के फैसला किया कि किशोर न्याय (जुविनाइल जस्टिस) बिल मंगलवार को पेश कर उसे भी पास कर दिया जाएगा।
वैंकेया ने की गुजारिश
हालांकि इस बिल को पूरक सूची में डालकर सोमवार को ही पेश किए जाए की सरकार की कोशिशों पर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताई। इस
मुद्दे पर सदन चार बार स्थगित करनी पड़ी। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार
इस मामले को जटिल बना रही है।
संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडु ने
राज्यसभा में कहा कि इस बिल की संवेदनशीलता और जरुरत को देखते हुए इसे आज
ही पेश करने को सरकार तैयार है। लेकिन कांग्रेस बिना कार्यवाही की सूची में
डाले इस बिल पर आगे बढ़ने को तैयार नहीं हुई।
वेंकैया ने विपक्ष से
गुजारिश की कि इस सत्र में सरकार के 17 बिलों को पास कराने में सहयोग करें।
गौरतलब है कि इन 17 में से चार बिल पास हो चुका है।
गौरतलब है कि
एससी/एसटी बिल लोकसभा में पास हो चुका है। अनुसूचित जाति/जनजाति पर हो रहे
अत्याचार को रोकने के मकसद से बना यह संशोधन बिल अब कानून का रुप लेने के
लिए राष्ट्रपति के पास जाने को तैयार है।