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यादव सिंह पर कार्रवाई माया-मुलायम के लिए बना खतरा

Wed, 05 Aug 2015 01:36 AM IST
Updated Wed, 05 Aug 2015 01:36 AM IST
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threat for mayawati and mulayam singh

नोएडा-ग्रेटर नोएडा ऑथरिटी और एक्सप्रेस वे हाईवे के पूर्व चीफ इंजीनियर यादव सिंह के खिलाफ सीबीआई की  एफआईआर मुलायम सिंह और मायावती के लिए बड़ी राजनीतिक मुसीबत खड़ी कर सकती है।

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यादव के ठिकानों पर पिछले साल में पड़े आयकर विभाग के छापों में कुछ ऐसे कागजात और डायरियां बरामद हुई हैं जिनसे यादव के राज्य में ऊंची राजनीतिक सांठगांठ के सुराग मिल सकते हैं। ये कागजात फिलहाल केंद्र सरकार के पास हैं।
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उच्च पदस्थ सरकारी सूत्रों ने बताया कि सीबीआई आयकर विभाग के सारे कागजात की गहन पड़ताल करने वाली है। इसके अलावा इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर उत्तर प्रदेश सरकार को भी यादव सिंह के फैसलों से संबंधित सभी कागजात सीबीआई को सौंपने होंगे।
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छापे में मिले हैं अहम सुराग

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गौरतलब है कि यूपीए सरकार के दौरान यूपी के दोनों  राजनीतिक दिग्गज आय से अधिक संपत्ति के मामले में सरकार का राजनीतिक मोहरा बनने पर मजबूर हो गए थे।

अमेरिका के साथ परमाणु करार और लोकपाल विधेयक सहित कई नाजुक मोड़ पर मुलायम और मायावती को सरकार का साथ देना पड़ा था।

मुलायम ने उस दौरान निजी बातचीत में दबी जुवान स्वीकारा था कि सीबीआई के पास मुकदमा होने की वजह से उनकी पार्टी सरकार का साथ देने पर मजबूर हैं।

लंबी अदालती जंग के बाद मुलायम और मायावती उन पुराने मामलों से बाहर हो चुके हैं। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा है कि अगर इस जांच में इन दोनों की तरफ उंगली उठती है तो यह इन दोनों से लिए मुसीबत बन सकती है।

सीबीआई जांच के विरोध में अखिलेश सरकार

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चर्चा यह भी है कि इसी के चलते अखिलेश सरकार हाईकोर्ट में मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के सख्त विरोध में खड़ी हो गई। उसने अदालत में बड़े वकीलों की फौज खड़ी कर दी।

लेकिन हाईकोर्ट ने भरी अदालत में यह सवाल उठा दिया कि यादव सिंह पर बार बार आरोप लगने के बावजूद वह अपने पद पर कैसे बना रहा। सीबीआई को यह जांच करने का भी निर्देश दिया गया है।

इससे बचने के लिए अखिलेश ने एक सदस्यीय न्यायिक कमीशन गठित कर जांच को वहीं सीमित रखने की भरपूर कोशिश की। लेकिन अदालत ने कहा कि कमीशन की जांच का दायरा बहुत छोटा है।

अदालत ने यादव सिंह की करतूतों की पूरी सच्चाई के लिए सीबीआई जांच को जरूरी करार दिया था। गौरतलब है कि यादव सिंह मायावती, मुलायम सिंह और अखिलेश यादव के राज में काम कर चुका है।  

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