एंबुलेंस पर इशरतजहां का नाम लिखने पर धमकियां
मुंबई के मुंब्रा इलाके में एंबुलेंस चलाने वाले वसीम कुरैशी को 40 से ज्यादा धमकी भरे फोन सिर्फ इसलिए आ चुके हैं क्योंकि उनकी एंबुलेंस पर इशरतजहां का नाम लिखा है।
बताते चलें कि इशरतजहां का 2004 में आतंकी गतिविधियों में शामिल होने की आशंका के चलते एनकाउंटर कर दिया गया था जिस पर काफी विवाद हुआ था।
एंबुलेंस के ड्राइवर वसीम और सामाजिक कार्यकर्ता मुन्ना सहीम के मुताबिक उन्हें कई धमकी भरे फोन आ रहे हैं जिसमें ये कहा जा रहा है कि अपनी एंबुलेंस सड़क पर तभी लाना जब ये नाम हटा लें। इस नाम के साथ एंबुलेंस सड़क पर नहीं चलेगी।
उत्तर भारतीय ने किया था फोन!
वसीम के मुताबिक हमारा फोन नम्बर एंबुलेंस पर लिखा हुआ है। इस संबंध में जो सबसे पहला फोन आया था वो किसी उत्तर भारतीय की आवाज लग रही थी। फोन करने वाले ने चेतावनी भरे लहजे में कहा था कि तुमने अपनी एंबुलेंस पर आतंकवादी का नाम क्यों लिखाया है?
शहीम ने बताया कि हमने उन्हें समझाने की कोशिश की कि इशरत आतंकवादी नहीं है लेकिन वो मानने को तैयार नहीं थे। वसीम के मुताबिक यह एंबुलेंस सेवा 25 दिसंबर 2011 को शुरु की गई थी। गौरतलब है कि इशरत जहां के मामले में मजिस्ट्रेट जांच में यह मुठभेड़ फर्जी मिली।
इसका भी खुलासा हुआ था कि प्रमोशन के लिए पुलिस ने फर्जी मुठभेड़ को अंजाम दिया था। मृतकों में इशरतजहां नाम की एक कॉलेज छात्रा और उसका दूसरा साथी जावेद शेख शामिल था। मारे गए दो अन्य लोग पाकिस्तानी नागरिक बताए गए थे।