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मैडिसन गार्डन में मोदी की खास बातें

Mon, 29 Sep 2014 03:14 PM IST
Updated Mon, 29 Sep 2014 03:14 PM IST
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Modi's Mesmerising Speech in Madison Square Garden, New York - Modi in America

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को जोश से सराबोर और खचाखच भरे मेडिसन स्क्वायर गार्डन में भारतवंशियों से वादा किया, मैं आपके सपनों का भारत बनाकर आपका कर्ज चुकाऊंगा।

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साथ ही उन्होंने उनसे अपील की कि वे भी अपनी मातृभूमि का कर्ज चुकाने का हरसंभव प्रयास करें। मोदी ने जन भागीदारी से देश के विकास का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि सरकारें अकेले अपने दम पर विकास नहीं कर सकती हैं।
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सरकारें केवल योजनाएं ही लागू कर सकती हैं। असली विकास जन भागीदारी से होता है जैसा महात्मा गांधी ने आजादी के संघर्ष को जन आंदोलन बनाकर किया था।

हमारी सरकार ने सवा अरब भारतीयों के साथ मिलकर विकास को जन आंदोलन बनाने का बीड़ा उठाया है। भारत की बेजोड़ क्षमताओं की याद दिलाते हुए कहा कि 21वीं सदी भारत और एशिया की होगी।
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'जन भागीदारी से बनाएंगे सपनों का भारत'

Modi's Mesmerising Speech in Madison Square Garden, New York - Modi in America

18 हजार से ज्यादा अमेरिकी-भारतीयों को संबोधित करने पहुंचे मोदी ने लोगों का हाथ जोड़कर, हिलाकर अभिवादन किया। साथ ही उन्होंने नवरात्रि की शुभकामना भी दी। उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत अमेरिका में बसे मेरे प्यारे भाई बहनों से की।

उन्होंने देश की प्रगति में लोगों की हिस्सेदारी का की बात कही। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के संघर्ष में कई महापुरुषों ने अपना बलिदान किया लेकिन महात्मा गांधी ने इस आंदोलन को जन आंदोलन में बदला। ठीक उसी प्रकार वर्तमान सरकार भी देश के विकास को जन भागीदारी से आंदोलन बनाना चाहती है।

उन्होंने कहा कि देश के हर व्यक्ति को देश सेवा के भाव से अपना काम पूरी ईमानदारी से करना होगा तभी यह सपना साकार हो सकेगा। उन्होंने कहा कि आपकी तरह ही महात्मा गांधी भी प्रवासी नागरिक थे।

जनवरी 1915 में भारत वापस गए और 100 साल बाद 2015 में जब आप प्रवासी भारतीय दिवस मनाने अहमदाबाद आएं तो मातृभूमि का कर्ज चुकाने का अपनी क्षमता अनुसार काम अवश्य करें।

कठिन काम करने को बनाया पीएम

Modi's Mesmerising Speech in Madison Square Garden, New York - Modi in America

गंगा अभियान पर लोगों ने मुझसे कहा कि ऐसे कठिन काम हाथ में न लो। मैं कहता हूं कि अगर आसान काम करने होते तो जनता मुझे पीएम नहीं बनाती। गंगा की सफाई में भारतवंशियों को भी अपना योगदान करना चाहिए।

सवा सौ करोड़ लोगों की आस्था गंगा में है और मेरी उनकी आस्था में आस्था है। देश की 40 फीसदी जनसंख्या की गतिविधि गंगा से जुड़ी है, इसलिए गंगा की सफाई बड़ा आर्थिक एजेंडा भी है।

गांधी को समर्पित करें स्वच्छ भारत
उन्होंने कहा कि 2019 में गांधी की 150वीं जयंती होगी। गांधी ने हमें आजादी दी, हम उन्हें क्या देंगे। क्या 2019 में हम गांधी के चरणों में स्वच्छ भारत दे सकते हैं?

सवा सौ करोड़ देशवासी मिलकर सफाई के लिए काम करेंगे तो कोई ताकत नहीं जो भारत को गंदा कर सके। 2022 में देश के आजादी के 75 साल पूरे हो रहे हैं। मेरे मन में एक सपना है कि देश के हर परिवार के पास रहने को अपना एक घर हो।

छोटी छोटी बातें बदलेंगी देश का भाग्य
लोग मुझसे बड़े विजन की बात करते हैं लेकिन मैं चाय बेचते हुए यहां तक पहुंचा हूं। मैं छोटा आदमी हूं और मेरा मन छोटे छोटे कामों में लगता है और छोटे लोगों के लिए काम करने में लगता है। लेकिन मेरा इरादा छोटे लोगों के लिए बड़े काम करने का है।

ऐसी ही छोटी छोटी बातों से देश का भाग्य बदलेगा। मेरा ऐसा काम कर रहा हूं जो पता नहीं प्रधानमंत्री को करना चाहिए या नहीं लेकिन मैं कर रहा हूं। मैंने सारे देश में शौचालय बनाने का फैसला किया है।

अमेरिकी भारतीयों के लिए किए ऐलान

Modi's Mesmerising Speech in Madison Square Garden, New York - Modi in America

पीआईओ कार्ड धारकों को आजीवन वीजा दिया जाएगा। पीआईओ और ओसीआई मिलाकर एक स्कीम बनाई जाएगी। लंबे समय तक हिंदुस्तान में रहने वाले वाले प्रवासी भारतीयों को पुलिस स्टेशन जाना पड़ता है, अब ऐसा नहीं होगा।

बिना किसी कठिनाई के अमेरिकी टूरिस्ट भारत की यात्रा कर सकें, इसके लिए वीजा ऑन अराइवल दिया जाएगा। अमेरिकी पर्यटकों को लंबे समय तक वीजा दिया जाएगा।

भारत के पास तीन चीजें जो किसी के पास नहीं
पीएम मोदी ने कहा कि भारत के पास ऐसी तीन चीजें हैं जो दुनिया के किसी अन्य देश के पास नहीं। पहली लोकतंत्र जोकि हमारी सबसे बड़ी पूंजी है और आस्था। दूसरी युवा शक्ति, देश की 65 फीसदी जनसंख्या 35 साल से कम की है। इससे बड़ी संपदा कोई हो सकती है। तीसरी चीज है मांग। सवा अरब लोगों के देश को दुनिया ललचाई नजरों से देख रही है।

दुनिया को करेंगे वर्क फोर्स की सप्लाई
सवा अरब लोगों के देश में बड़ी तादाद नौजवानों की है। इस दम पर हम 2020 तक दुनिया को वर्क फोर्स की सप्लाई करेंगे। इसके लिए हमने स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम शुरू किया है और इसके लिए एक अलग मंत्रालय का गठन तक किया है। हम दो तरह का स्किल डेवलपमेंट चाहते हैं। एक जो जॉब क्रिएटर बनें और दूसरे वे जो जॉब पाने की कतार में पहले नंबर पर हों।

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