फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   this women journalist is targeted by hardliners

'मदरसे में होता है यौन उत्पीड़न' कहना पड़ा महंगा

Thu, 26 Nov 2015 07:32 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 26 Nov 2015 07:32 PM IST
विज्ञापन
this women journalist is targeted by hardliners

केरल के तिरुवनंतपुरम की मुस्लिम महिला पत्रकार को अपनी एक फेसबुक पोस्ट की वजह से कट्टरवादियों के निशाने पर है। दरअसल, पत्रकार ने अपनी एक फेसबुक पोस्ट में दावा किया था कि मदरसों में लड़के और लड़कियों के साथ यौन उत्पीड़न होता है।

विज्ञापन


पत्रकार वीपी राजीना जमात-ए-इस्लामी के मलयाली दैनिक मध्यमम में उप-संपादक पद पर कार्यरत हैं।
विज्ञापन


उन्होंने बीते 23 नवंबर को अपनी टाईमलाइन पर एक पोस्ट डाली जिसमें उन्होंने अपनी जिंदगी का हवाला देते हुए लिखा कि किस तरह मदरसों में शिक्षक छात्र और छात्राओं का यौन उत्पीड़न करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

और चौथी क्लास में!

this women journalist is targeted by hardliners

राजीना ने अपने मदरसे की जिंदगी को याद करते हुए लिखा कि जब मैं पहली क्लास में थी तो वहां मौजूद शिक्षक ने सभी लड़कों से पैंट खोल कर बैठने को कहा, जिसके बाद वो हर लड़के के गुप्तांग को छेड़ते रहे।

राजीना की पोस्ट के अनुसार ये काम उन्होंने आखिरी विद्यार्थी को छेड़ लेने तक किया। राजीना ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि शिक्षक रात्रि की कक्षाओं के दौरान छात्राओं का उत्पीड़न करते थे।

उनके साथ भी ऐसा वाकया हुआ था जब वे चौथी क्लास में थी तो रात्रि की कक्षाओं के दौरान जब लाइट चली जाती थी तो एक 60 वर्षीय शिक्षक उनके साथ छेड़छाड़ करते थे।

यहां पढ़ें फेसबुक पोस्ट

this women journalist is targeted by hardliners

बताते चलें कि राजीना पहली बार कट्टरपंथियों के निशाने पर नहीं आईं हैं। इससे पहले जब उन्होंने कोझीकोड में मुस्लिम प्रबंधकों द्वारा चलाए जा रहे एक स्कूल में छात्र छात्राओं  के बीच में विभेद की शिकायत उठाने पर भी लोगों का निशाना बन चुकी हैं।

यहां पढ़े फेसबुक पोस्ट

മദ്രസാ  അനുഭവ പോസ്റ്റ് ഇടാൻ ഈ സമയം തന്നെ തിരഞ്ഞെടുത്തുവെന്നും അതിൽ ദുരുദ്ദേശമുണ്ടെന്നും പറയുന്നവരോട്, സത്യത്തിൽ ഈ പോസ്റ്...

Posted by VP Rajeena on Monday, 23 November 2015

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed