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बोगी डूबी, सांप ने डसा, फिर भी यूपी के लाल ने बचाईं दो जानें

Sun, 09 Aug 2015 11:29 AM IST
Updated Sun, 09 Aug 2015 11:29 AM IST
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this person saved two life in train accident

मध्य प्रदेश के हरदा-खंडवा सेक्शन में खिरकिया और भिरंगी स्टेशन के मध्य कामायनी और मुंबई जनता के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने के बाद नैनी के एक जांबाज युवक ने अपनी जान की परवाह न करते हुए ट्रेन में सवार दो यात्रियों की जान बचा ली।

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नैनी के इस युवक ने अपना यह हौसला उस वक्त दिखाया, जब वह पानी में पूरी तरह से डूब चुका था और उसी वक्त एक सांप ने उसे डस भी लिया था। घटना के चौथे रोज यह युवक अपने जीजा के साथ देर रात अपने घर पहुंचा।
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उसे सकुशल देख उसके परिजनों की खुशी का कोई ठिकाना ही नहीं रहा। नैनी के उत्तरी लोकपुर के रहने वाले बृजेश पाल पुत्र राम अभिलाष इलेक्ट्रिशियन है।

वह चार अगस्त की सुबह गाड़ी संख्या 13201 मुंबई जनता एक्सप्रेस के जनरल कोच में छिवकी से सवार होकर मुंबई रोजी रोटी की तलाश में अपने जीजा रंगलाल के साथ रवाना हुआ था।
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रात 11 बजे के बाद ट्रेन हरदा स्टेशन को पार कर चुकी थी। थोड़ी देर बाद उसे जोर का झटका लगा। उसने झांका तो जिस बोगी में वह सवार था उसके पहियों से चिंगारी निकल रही थी। फिर उसकी बोगी पानी में समाने लगी।

पानी में डूबने लगे लोग

this person saved two life in train accident

चारों तरफ चीख पुकार मच गई। बोगी में बैठे लोग पानी में डूबने लगे। बृजेश ने किसी तरह से बोगी का दरवाजा खोला और अपने जीजा रंगलाल के साथ पानी में छलांग लगा दी।

अंधेरे में बृजेश ने अपना आपा नहीं खोया जबकि उसके जीजा बेसुध हो गये थे। करीब आधे घंटे में वह अपने जीजा को किसी तरह से किनारे तक ले गया। इसी बीच एक सांप ने उसके पैर में डस लिया।

इसके बावजूद बृजेश ने इसकी परवाह नहीं की। उसने मदद की गुहार लगा रही एक अन्य महिला को भी सुरक्षित किनारे तक पहुंचाया। सुबह तक इस घटना के बारे में बृजेश के परिजनों को सूचना मिल चुकी थी।

घरवालों का रो-रोकर था बुरा हाल

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बृजेश के घरवाले परेशान होकर उससे फोन पर संपर्क करने का प्रयास करने लगे लेकिन पानी में मोबाइल भी बह चुका था। अनहोनी की आशंका से परिवार में पत्नी सहित सभी का रो-रोकर बुरा हाल था।

ससुराल पक्ष को भी इसकी सूचना मिल चुकी थी। पिता राम अभिलाष निजी वाहन से बेटे और दामाद की तलाश में निकल पड़े। हालांकि बृजेश अपने जीजा के साथ शुक्रवार देर रात अपने घर नैनी पहुंचा तो घरवाले उससे लिपटकर रोने लगे।

उसके घर पहुंचने की सूचना पिता को दी गई, लेकिन वह मैहर तक का सफर तय कर चुके थे। बेटे और दामाद के सकुशल घर पहुंचने पर उन्होंने घर लौटने के बजाय मैहर धाम दर्शन करने चले गए।

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