इस शख्स की एक आवाज पर दौड़े चले आते हैं जहरीले सांप
कहा जाता है कि सांप सुन नहीं सकते, लेकिन नंदगंज के मुड़वल और अगस्ता गांव में गुरुवार की सुबह एक सपेरे ने पांच घरों से जब बुला-बुलाकर 15 सांप पकड़े तो लोगों को न चाहते हुए भी यकीन करना पड़ा।
सपेरा विशेष प्रकार की आवाज निकाल रहा था और थोड़ी ही देर में सांप बाहर आ जा रहे थे। घरों से सांप निकलता देख आसपास के लोग दंग रह गए। सपेरे को कई लोग अपने घर ले गए ताकि उन्हें तसल्ली हो जाए कि उनके यहां सांप नहीं है।
जिस घर से सांप निकले उसमें रहने वाले जहां भयभीत थे वहीं कई इसका अफसोस भी करते रहे कि उन्होंने क्यों नहीं सपेरे को अपने यहां बुलाया। कहीं उनके घर में भी सांप न छुपा हो। जसवंत गुप्ता के मकान से तो सपेरे ने एक-एक कर 10 सांप पकड़े।
पप्पू की बेटी की सांप डसने हो गई थी मौत
पप्पू कुशवाहा ने एक सपेरे को भी बुलाया, लेकिन वह सांप को नहीं खोज सका। इसी बीच पप्पू को किसी ने बताया कि केराकत के गजना गांव में फरीद (60) नाम का एक सपेरा है जो अपनी विशेष कला से सांपों को पकड़ लेता है।
इसके बाद पप्पू ने फरीद को बुलाया। गुरुवार को वह अपने 16 वर्षीय पुत्र के साथ पप्पू के घर पहुंचा। उसने बाहर से ही पप्पू को बता दिया कि घर में सांप है।
कुर्ता उतारकर लगाने लगा सांपों को आवाज
इसके बाद कुर्ता उतारकर वह घर के अंदर गया और विशेष प्रकार की आवाज निकालकर सर्प को बुलाने लगा। कुछ ही देर में तीन फीट लंबे दो गेहुंअन सर्प निकलकर उसके सामने आ गए।
उन्हें फरीद ने डंडे के सहारे पकड़ लिया। इसके बाद फरीद इसी गांव के विधान सिंह के मकान में पहुंचा। वहां से उसने तीन फीट का एक सांप पकड़ा।
इस दौरान मौके पर मौजूद अगस्ता गांव निवासी जसवंत गुप्ता उसे अपने साथ ले गए। उनके मकान के पास पहुंचते ही फरीद ने बता दिया कि उनके मकान में सांप हैं।
एक-एक कर दस सांप आ गए सामने
अंदर घुसा फरीद भूसे वाले कमरे के पास खड़े होकर सांपों को बुलाने के लिए विशेष प्रकार की आवाज निकालने लगा। कुछ ही देर में एक-एक कर छोटे-बड़े दस सांप उसके सामने आ गए।
उसने सभी को पकड़कर अपनी गठरी में बंद कर दिया। यही नहीं, फरीद ने इसी गांव के श्यामलाल कुशवाहा के मकान से तीन फीट से बड़ा और सीरी कुशवाहा के भूसे वाले कमरे से करीब पांच फीट का गेहुंअन सांप पकड़ा।
कुल पांच घरों से 15 सांप पकड़कर वह चला गया। दोनों गांवों के ग्रामीण एक-दूसरे से सपेरे की कला की चर्चा कर रहे हैं।