आप भी जान लीजिए, क्या है आजादी की गारंटी
देश को आजाद हुए 69 साल पूरे हो चुके हैं। हम आजादी का जश्न हर साल मनाते
अनुच्छेद 21- जीवन की सुरक्षा और व्यक्तिगत आजादी का अधिकार
- भारतीय संविधान का यह अनुच्छेद देश के प्रत्येक नागरिक और गैर-नागरिक को अपने जीवन की सुरक्षा और व्यक्तिगत आजादी के अधिकार की गारंटी देता है।
अनुच्छेद 19 (1)(ए)- बोलने व अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार
- भारतीय संविधान का यह अनुच्छेद देश के प्रत्येक नागरिक को खुलकर बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकारदेता है। देश के नागरिक बिना हथियार के एक जगह इकट्ठे हो सकते हैं, देश में कहीं भी आ-जा सकते हैं और वहां रह सकते हैं। यह अनुच्छेद किसी भी तरह के पेशे, नौकरी या कारोबार की स्वतंत्रता का अधिकार भी देता है।
शिक्षा का अधिकार
अनुच्छेद 15 और 25- धर्म, जाति, लिंग, जन्मस्थान और नस्ल के आधार पर भेदभाव नहीं
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इस अनुच्छेद के तहत देश के प्रत्येक नागरिक को धर्म चुनने की स्वतंत्रता
है। कोई भी राज्य या नागरिक किसी भी नागरिक के साथ धर्म, जाति, लिंग या
जन्मस्थान के आधार पर भेदभाव नहीं कर सकता है। हालांकि, यह अनुच्छेद सरकार
को महिलाओं और बच्चों के लिए कल्याणकारी प्रावधान करने से मना नहीं करता
है। कोई भी नागरिक किसी भी धर्म या पेशे को अपना सकता है।
अनुच्छेद 21 (ए)- शिक्षा का अधिकार
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भारतीय संविधान का यह अनुच्छेद शिक्षा के अधिकारों से जुड़ा है। इसमें कहा
गया है कि छह साल से लेकर 14 साल तक के सभी बच्चों को शिक्षा का अधिकार
है।
बराबरी का अधिकार
अनुच्छेद 23 और 24- मानव तस्करी और जबरन श्रम की मनाही
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अनुच्छेद 23 और 24 मानव तस्करी के साथ-साथ जबरन श्रम की भी मनाही का
अधिकार देता है। इसके तहत 14 साल से कम उम्र के किसी बच्चे से किसी
फैक्ट्री, खान या किसी दूसरे नुकसानदायक जगह पर काम करवाना जुर्म माना गया
है।
अनुच्छेद 14-18- कानून की नजर में सभी बराबर
- भारतीय
संविधान का अनुच्छेद 14 कानून की नजर में सभी को बराबरी का अधिकार देता है।
इसके तहत सभी नागरिकों को कानून की बराबरी की सुरक्षा मिलनी चाहिए।
अनुच्छेद 17 के अनुसार छुआछूत गैर-कानूनी है। अनुच्छेद 16 के अनुसार, सभी
नागरिकों को देश में नौकरी के समान अवसर प्राप्त करने का अधिकार है।