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यह तो डुप्लीकेट कांग्रेस है: भाजपा
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Tue, 22 Oct 2013 01:27 AM IST
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चुनावी दंगल में उतरी भाजपा ने अपनी प्रमुख प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस की पहचान पर ही उंगली उठानी शुरू कर दी है। पार्टी ने कहा है कि आज की कांग्रेस का आजादी से पहले की कांग्रेस से कोई लेना देना नहीं है, यह तो डुप्लीकेट कांग्रेस है।
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पार्टी के पूर्व अध्यक्ष वेंकैया नायडू ने भाजपा को आजादी से पहले की कांग्रेस का असली वारिस घोषित करते हुए कहा कि यह कांग्रेस तो तब की मुस्लिम लीग की तरह बोलती है।
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भारतीय जनसंघ की 62वीं वर्षगांठ के मौके पर कांग्रेस को मुस्लिम लीग के करीब बताते हुए भाजपा ने छद्म धर्मनिरपेक्षवादियों के खिलाफ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की वैचारिक लड़ाई को तेज करने के लिए का ऐलान किया है।
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इसके लिए पार्टी को वैचारिक संघर्ष के लिए जरूरी सामग्री उपलब्ध कराने के लिए गठित ‘लोक नीति शोध केंद्र’ (पीपीआरसी) का सोमवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने विधिवत उद्घाटन कर दिया।
यह केंद्र श्यामा प्रसाद मुखर्जी न्यास के तहत गठित किया गया है। नितिन गडकरी के कार्यकाल के दौरान वर्ष 2011 से काम कर रहा यह केंद्र विभिन्न मुद्दों व विचारधाराओं पर तुलनात्मक अध्ययन भी करेगा।
खासतौर पर छदम धर्मनिरपेक्ष और वामपंथी विचारधारा के दुष्प्रचार का जवाब देने के लिए पार्टी को दस्तावेज उपलब्ध कराएगा। केंद्र ने दो दस्तावेज तैयार किये हैं। पहला दस्तावेज एनडीए व यूपीए के शासन व इनके शासित राज्यों की उपलब्धियों पर है। दूसरा दस्तावेज आजादी के बाद के दंगों पर केंद्रित है।
इस मौके पर जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी को याद करते हुए राजनाथ ने जम्मू-कश्मीर में जारी धारा-370 को खत्म करने की मांग का पुरजोर समर्थन किया।
उन्होंने कहा कि भाजपा इस मांग पर आज भी कायम है। उन्होंने केंद्र सरकार कर सीमा पर जारी हिंसक घटनाओं को रोक पाने में नाकाम रहने का आरोप लगाते हुए पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह की वार्ता का विरोध किया। राजनाथ ने कहा कि आतंक व वार्ता एक साथ नहीं चल सकते हैं।
राजनाथ ने कहा कि भाजपा कश्मीर मामले में तीसरे पक्ष का हस्तक्षेप सहन नहीं करेगी। इससे पहले वेंकैया ने कांग्रेस पर जमकर हमला करते हुए दावा किया कि वैचारिक धरातल पर भाजपा आजादी से पहले की कांग्रेस के बहुत निकट है।
वेंकैया ने कहा कि मालवीय, तिलक, गोखले से लेकर सरदार पटेल के भाषणों को देख लीजिए, वे जो कुछ बोलते थे कमोबेश आज भाजपा वही बोलती है। उन्होंने सोनिया गांधी व राहुल गांधी का बगैर नाम लिए कहा कि देश की बड़ी आबादी मानती है कि ये लोग महात्मा गांधी के परिवार से हैं, जबकि इन गांधियों का महात्मा गांधी से कोई लेना देना नहीं है।