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आईआईटी प्रवेश परीक्षा देने वालों के लिए जरूरी है ये खबर
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Thu, 18 Jul 2013 12:21 AM IST
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आईआईटी प्रवेश परीक्षा में पर्सेंटाइल की गड़बड़ियों के बारे में जेईई एडवांस परीक्षा से जुड़े अधिकारी भी सही स्थिति स्पष्ट नहीं कर पाये हैं।
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मानव संसाधन मंत्री पल्लम राजू ने प्रवेश परीक्षा से जुड़े अधिकारियों को छात्रों की शिकायत के बाद बुधवार को अपने दफ्तर में तलब किया था, लेकिन वे कुछ मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट नहीं कर सके।
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इस बार आईआईटी में जेईई एडवांस परीक्षा उत्तीर्ण कर मेरिट में स्थान पाने वाले उन्हीं छात्रों को प्रवेश दिये जाने का नियम बनाया गया है, जो इंटर की परीक्षा में अपने बोर्ड में 20 पर्सेंटाइल कट आफ में शामिल हैं।
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आईआईटी में प्रवेश के लिए चूंकि इंटर में किसी विषय विशेष से परीक्षा उत्तीर्ण करने की अनिवार्यता नहीं है। इसलिए अलग-अलग स्ट्रीम के छात्रों के लिए बोर्ड के पर्सेंटाइल के साथ ही अपने विषय विशेष की स्ट्रीम में भी टाप 20 पर्सेंटाईल में होना जरूरी है।
किसी बोर्ड के टॉप 20 पर्सेंटाइल का कट ऑफ उस बोर्ड से उत्तीर्ण साइंस, कॉमर्स तथा आर्ट सभी विषय के बच्चों को सामूहिक आधार पर तय किया जाता है।
जबकि प्रवेश के समय विज्ञान, कामर्स तथा आर्ट स्ट्रीम की अलग से भी 20 पर्सेंटाइल देखी जाती है। यह फैसला विभिन्न स्ट्रीम में बच्चों के दिये जाने वाले नंबरों में भारी अंतर को देखते हुए लिया गया था।
आज की बैठक में आईआईटी दिल्ली के निदेशक तथा अन्य अधिकारी यह स्पष्ट नहीं कर सके कि क्या उन्होंने बच्चों के विषय वार पर्सेंटाइल भी चेक किया है या नहीं।
दूसरी ओर आंध्र प्रदेश बोर्ड के बच्चों की शिकायत के मामले में यह पाया गया है कि आंध्र प्रदेश सहित कुछ बोर्ड ने 20 पर्सेंटाइल के लिए इंटर की परीक्षा में बैठे सभी छात्रों को आधार मानकर कट ऑफ घोषित कर दिया था
जबकि आईआईटी ने केवल परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्रों की संख्या के आधार पर 20 पर्सेंटाइल का कट ऑफ माना है। इसलिए दोनों के आंकड़ों में अंतर के चलते कुछ छात्रों को परेशान होना पड़ा है।
नियम के तहत केवल उत्तीर्ण हुए छात्रों में से 20 पर्सेंटाइल को ही आईआईटी में प्रवेश दिये जाने का प्रावधान है।