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महिलाओं को सेहत के प्रति जागरूक बनाएगी यह बॉडी बिल्डर
नई दिल्ली/एजेंसी
Updated Sun, 07 Oct 2012 11:49 PM IST
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वह ब्यूटी क्वीन हैं। लेकिन सौंदर्य प्रतियोगिताओं में उतरने वाली अन्य सुंदरियों से अलग। निकोल नागरानी भारतीय मूल की युवा अमेरिकी हैं, जो प्रोफेशनल बिकनी बॉडी बिल्डिंग (शरीर सौष्ठव) ने अपना परचम फहरा रही हैं। इन दिनों वह भारत में हैं और यहां की महिलाओं को स्वास्थ के प्रति जागरूक बनाना उनका मिशन है। खास तौर पर ग्रामीण महिलाओं की स्थित वह सुधारना चाहती हैं। निकोल फ्लोरिडा में अपने माता-पिता के साथ रहती हैं। उनके डॉक्टर पिता मार्क का जन्म लखनऊ में हुआ था और वह ट्राइथलॉन के एथलीट रहे हैं जबकि मां किर्स्टन अमेरिका में प्रोफेशनल बॉडी बिल्डर रह चुकी हैं। ऐसे में निकोल को यह खेल विरासत में मिला है।
निकोल यहां ‘शेरू क्लासिक प्रोफेशनल चैंपियनशिप’ के प्रोफेशनल बिकनी वर्ग में चैंपियन बनी हैं। यह दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इनामी राशि वाली बॉडी बिल्डिंग प्रतिस्पर्द्धा है। निकोल समेत दुनिया भर के तमाम बड़े बॉडी बिल्डर 5 से 7 अक्तूबर तक हुई इस प्रतियोगिता के लिए पहुंचे हैं। अब निकोल चाहती हैं कि भारत में यह खेल नई लोकप्रियता छूए।
मेडिकल की 20 वर्षीया स्टूडेंट निकोल कहती हैं, ‘मैं हमेशा ही भारत की महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए काम करना चाहती थी। पहली बार मैं यहां सात साल पहले आई थी। तब हमने गुजरात के गांवों में 17 मेडिकल मिशन कैंप लगाए थे। मैं आगे भी यहां आकर ग्रामीण महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना चाहती हूं।’
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निकोल प्रोफेशल बॉडी बिल्डिंग के ओलंपिक (ओलंपिया) में तीन बार हिस्सा ले चुकी हैं और एक बार इसके बिकनी राउंड में चैंपियन बनने का गौरव उन्हें हासिल है। जबकि दो मौकों पर वह दूसरे और तीसरे स्थान पर रही हैं।
भारत की पहचान
प्रोफेशनल विश्व बॉडी बिल्डिंग में निकोल से पहले भारत के प्रेमचंद डोगरा ही अपनी उल्लेखनीय पहचान छोड़ने में कामयाब रहे हैं। जिस ओलंपिया को अर्नाल्ड श्वारजेनेगर जैसे विख्यात खिलाड़ी ने सात बार जीता, वहां तक डोगरा भी 1989 में पहुंचे। हालांकि उन्हें अंतिम स्थान मिला था। लेकिन निकोल तीन बार इस प्रतियोगिता में हिस्सा ले चुकी हैं और बिकनी राउंड में पिछले साल वह चैंपियन बनी थीं।
मेरे दिल में भारत की खास जगह है। पिता से मैं लखनऊ की संस्कृति की बातें सुनती हुई बड़ी हुई हूं। वह कभी कभी हमारे लिए दाल और कबाब बनाते हैं। मैं लखनऊ घूमना चाहती हूं। ...और हां ताज महल देखने की भी तमन्ना है। निकोल नागरानी
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निकोल यहां ‘शेरू क्लासिक प्रोफेशनल चैंपियनशिप’ के प्रोफेशनल बिकनी वर्ग में चैंपियन बनी हैं। यह दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इनामी राशि वाली बॉडी बिल्डिंग प्रतिस्पर्द्धा है। निकोल समेत दुनिया भर के तमाम बड़े बॉडी बिल्डर 5 से 7 अक्तूबर तक हुई इस प्रतियोगिता के लिए पहुंचे हैं। अब निकोल चाहती हैं कि भारत में यह खेल नई लोकप्रियता छूए।
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मेडिकल की 20 वर्षीया स्टूडेंट निकोल कहती हैं, ‘मैं हमेशा ही भारत की महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए काम करना चाहती थी। पहली बार मैं यहां सात साल पहले आई थी। तब हमने गुजरात के गांवों में 17 मेडिकल मिशन कैंप लगाए थे। मैं आगे भी यहां आकर ग्रामीण महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना चाहती हूं।’
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निकोल प्रोफेशल बॉडी बिल्डिंग के ओलंपिक (ओलंपिया) में तीन बार हिस्सा ले चुकी हैं और एक बार इसके बिकनी राउंड में चैंपियन बनने का गौरव उन्हें हासिल है। जबकि दो मौकों पर वह दूसरे और तीसरे स्थान पर रही हैं।
भारत की पहचान
प्रोफेशनल विश्व बॉडी बिल्डिंग में निकोल से पहले भारत के प्रेमचंद डोगरा ही अपनी उल्लेखनीय पहचान छोड़ने में कामयाब रहे हैं। जिस ओलंपिया को अर्नाल्ड श्वारजेनेगर जैसे विख्यात खिलाड़ी ने सात बार जीता, वहां तक डोगरा भी 1989 में पहुंचे। हालांकि उन्हें अंतिम स्थान मिला था। लेकिन निकोल तीन बार इस प्रतियोगिता में हिस्सा ले चुकी हैं और बिकनी राउंड में पिछले साल वह चैंपियन बनी थीं।
मेरे दिल में भारत की खास जगह है। पिता से मैं लखनऊ की संस्कृति की बातें सुनती हुई बड़ी हुई हूं। वह कभी कभी हमारे लिए दाल और कबाब बनाते हैं। मैं लखनऊ घूमना चाहती हूं। ...और हां ताज महल देखने की भी तमन्ना है। निकोल नागरानी