यूपी-बिहार के 34 लोग सऊदी अरब में बंधक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नौकरी के लिए खाड़ी देशों गए देवरिया जिले के अलावा गोरखपुर और गोपालगंज के 34 भारतीय फंस गए हैं। इनमें 33 युवकों के सऊदी अरब में बंधक बनाए जाने की खबर है। जबकि एक युवक वीजा खत्म होने से ओमान के जेल में बंद है।
घरवालों ने उनके घर वापसी की मांग करते हुए डीएम से गुहार लगाई है। इसके डीएम की ओर से भारत सरकार के विदेश मंत्रालय को चिट्ठी लिखकर कार्रवाई के लिए अनुरोध किया गया है।
गोरखपुर, देवरिया और बिहार के गोपालगंज जिले के 33 युवकों को देवरिया खास स्थित एक संस्था ने खालिद फाहाद अलसदी जनरल कंट्रेक्टिंग इस्ट दामाम अल्वाज कंपनी में नौकरी दिलाने के लिए करीब तीन वर्ष पूर्व सऊदी अरब भेजा था। इनके अभिभावकों का आरोप है कि युवकों वहां ले जाकर पहले बेगारी कराई गई और अब करीब पांच-छह माह से पगार भी नहीं दी जा रही है। पगार मांगने पर उन्हें मारा पीटा जा रहा है। पासपोर्ट भी रख लिया गया है।
घरवालों ने लगाई डीएम से गुहार
सभी युवक घर वापसी चाहते हैं लेकिन कंपनी उन्हें भेजने को तैयार नहीं है। कंपनी वालों ने युवकों को बंधक बना रखा है। कंपनी के लोग धमकी दे रहे हैं कि उन्हें सऊदी अरब से नहीं भेजा जाएगा। फंसे युवकों में बगहा मठिया के राजकुमार, बरारी के राजाराम यादव, कृतपुरा, रुद्रपुर के गिरजेश, देवरियामीर के अभिमन्यु सिंह, गोपालगंज जिले के शंभू शाह, जंगल इमिलिहा के मुनीब साहनी, गोरखपुर, बड़हलगंज, खजुरी गोसाईं के प्रदीप बरैठा और बरईपार के शैलेष कुमार, भलुअनी के जयशंकर समेत 33 युवक हैं। इनके अभिभावक बादामी, रामनयन निषाद, रामदेव, धनेश, रंजीत सिंह आदि ने डीएम से शिकायत की है।
वहीं भलुअनी, गड़ेर (द्रब टोला) के हेमंत यादव ओमान में अल तवाफक नेशनल ट्रेडिंग एंड कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम करते थे। 10 अक्टूबर को वीजा अवधि खत्म हो गई। हेमंत स्वदेश आने के लिए छुट्टी की मांग करने लगा। लेकिन कंपनी ने छुट्टी नहीं देकर दो साल के वीजा बढ़ाने के लिए कहा। वीजा बढ़ाने से इंकार करने पर गलत आरोप लगाकर उसे जेल भिजवा दिया।
हेमंत के पिता नरसिंह यादव ने डीएम को पत्र लिखकर बेटे को घर बुलवाने की मांग की है। इस बाबत डीएम शरद कुमार सिंह ने बताया कि विदेश मंत्रालय को चिट्ठी लिखी गई है। विदेश मंत्रालय विदेशों के भारतीय दूतावासों से संपर्क कर कार्रवाई करेगा।