मोदी सरकार के तीसरे आम बजट में क्या होगा खास
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे आम बजट में सामाजिक सरोकारों पर जोर रहेगा। पीएम मोदी ने अपने सभी सांसदों से बजट के लिए अहम सुझाव भी मांगे हैं। उन्होंने सांसदों से कहा है कि वे अपने संसदीय क्षेत्र के व्यापारियों, उद्योग चलाने वालों और बुद्धिजीवियों के साथ चर्चा कर बजट के लिए सुझाव मांगें।
हालांकि, सांसदों से उन्होंने यह भी कहा है कि वे स्थानीय समस्या के बजाय राष्ट्रीय स्तर के सुझाव एकत्रित करें जिसे बजट में शामिल किया जा सके।
सूत्र बताते हैं कि संसदीय दल की बैठक में पीएम मोदी ने भाजपा सांसदों से कहा कि हमें वर्तमान तंत्र को बदलना है। हमारे कार्य सबको स्वीकार्य हों ऐसा हमें तंत्र बनाना है। इसलिए उन्होंने सांसदों से आह्वान किया है कि वे निचले स्तर से नये-नये सुझावों को बजट के लिए एकत्रित करें।
इससे आम आदमी के विचारों की भागीदारी देश के आम बजट में सुनिश्चित होगी। उन्होंने सांसदों से कहा है कि वे निचले स्तर से एकत्रित सुझावों को फरवरी माह से पहले सरकार को अवगत करायें। ताकि फरवरी में बजट बनाते समय उन सुझावों को शामिल किया जा सके।
अगले बजट में सामाजिक विकास पर रहेगा फोकस
बताया जा रहा है कि अगले बजट के लिए पीएम मोदी का जोर सामाजिक सरोकार के मुद्दों पर ज्यादा रहेगा। स्वच्छता अभियान, नमामि गंगे और कौशल विकास के बाद सरकार का अगला अभियान सामाजिक विकास को लेकर है।
संघ और सरकार के शीर्ष नेतृत्व के बीच इस बात की सहमति भी बन गई है। संघ ने भी अपने कार्यक्रमों में सामाजिक समरसता पर जोर देना शुरू कर दिया है। अब मोदी सरकार के कामकाज में भी सामाजिक सरोकार के मामलों पर ज्यादा जोर रहेगा। इसकी शुरूआत वर्ष 2016-17 के आम बजट से होगी।
इस बीच सरकार की तैयारी ग्रामीण विकास, शहरी विकास और कौशल विकास की रोजगारपरक योजनाओं को एक-कर एक नई महत्वाकांक्षी योजना शुरू करने की है। संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा है कि ये योजना स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर 12 जनवरी से शुरू होगी।