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उत्तराखंड़ः नहीं थ्ाम रहा आसमानी कहर

Sun, 21 Jul 2013 11:03 AM IST
गढ़वाल/अमर उजाला नेटवर्क
गढ़वाल/अमर उजाला नेटवर्क Updated Sun, 21 Jul 2013 11:03 AM IST
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 Things scattered rain in Uttarakhand

उत्तराखंड़ में आसमान से आफत बरसने का सिलसिला थम नहीं रहा है। शुक्रवार रात कुछ जगह बादल फटने और बारिश से भूस्खलन के चलते लोग बेहाल रहे। मलबे से भारी नुकसान हुआ तो कई जगह सड़कें बंद रहीं।

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वहीं दून, हरिद्वार, रुड़की में शुक्रवार रात और शनिवार को दिन भर रुक-रुक कर बारिश होती रही। शुक्रवार देर रात से सुबह तक मूसलाधार बारिश से चमोली में कई जगह नुकसान हुआ है।
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500 नाली सिंचित भूमि बही
अटल आदर्श ग्राम गडोरा के पास नोगाड़ गदेरे में बादल फटा तो 500 नाली सिंचित भूमि, चार पैदल पुलिया और बदरीनाथ हाईवे पर तीन दुकानें बह गईं।

इसी जिले में बिनसर पहाड़ी से आए मलबे ने घाट बाजार में काफी क्षति पहुंचाई। सात दुकानें और एसबीआई भवन मलबे में दब गया। यहां से 22 परिवार घर छोड़कर चले गए। टिहरी में हडियाणा तल्ला गंाव के छपौ तोक में बादल फटने से गांव में मलबा आ गया।
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वहीं गदेरे की बाढ़ में कई हेक्टेयर कृषि भूमि बह गई। ढुंगली बमणगांव में घर ढहने से दबी युवती को किसी तरह जिंदा निकाला गया।

ऊखीमठ के डमार गांव के ऊपर पहाड़ी से हो रहे भूस्खलन से भयभीत 45 परिवारों ने जीआईसी भीरी में रात गुजारी। उत्तरकाशी में रात की बारिश ने आपदा पीड़ितों व नदी किनारे बसे लोगों की नींद उड़ा दी है।

मलबा आने से बदरीनाथ हाईवे चमोली में गडौरा के पास सुबह 11 बजे तक बंद रहा। नैनीताल राजमार्ग ट्रक फंसने से 18 घंटे बंद रहा। भूस्खलन से दून-उत्तरकाशी मोटर मार्ग नागराजा धार में शनिवार करीब चार घंटे और गंगोत्री राजमार्ग पर कुछ देर तक यातायात ठप रहा।

ऋषिकेश से मिली खबर के मुताबिक शनिवार को लक्ष्मणझूला-पीपलकोटी-नीलकंठ मार्ग मलबा आने से घंटों बाधित रहा।

फिर गंगा उफनाई
कुछ दिन शांत रहने के बाद शनिवार शाम को फिर से गंगा में उफान आ गया। पथरी और श्यामपुर क्षेत्र में गंगा के तटबंध में करीब 20 स्थानों पर कटाव शुरू हो गया है। शुक्रवार शाम तक जलस्तर 292.5 मीटर था। शनिवार शाम को यह 293 मीटर पहुंच गया। खतरे का निशान 294 मीटर पर है।

रानीखेत में बढ़ा भूस्खलन का खतरा
चंपावत में शुक्रवार की रात जमकर पानी बरसा। इसके अलावा पिथौरागढ़, मुनस्यारी, धारचूला, डीडीहाट में भी बारिश हुई। रानीखेत में भारी बारिश से कालापहाड़ तोक में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। कपकोट में दो मकान ध्वस्त हो गए। खतरे वाले स्थानों पर अलर्ट जारी किया है।

आज और कल भारी बारिश की आशंका
प्रदेश में अगले 48 घंटे (रविवार और सोमवार) में एक-दो स्थानों पर बेहद भारी बारिश की आशंका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने चेतावनी जारी करते हुए सतर्क रहने की बात कही है।


राज्य मौसम केंद्र ने प्रदेश में कुछ स्थानों पर मध्यम, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश की आशंका जताई है। इनमें कुमाऊं के पिथौरागढ़, अल्मोड़ा जनपदों समेत गढ़वाल के रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, चमोली और कुछ मैदानी क्षेत्र शामिल हैं।

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