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गन्ना मूल्य पर बन रहे आंदोलन के हालात

Sat, 09 Nov 2013 01:23 AM IST
हरवीर सिंह/अमर उजाला, दिल्ली
हरवीर सिंह/अमर उजाला, दिल्ली Updated Sat, 09 Nov 2013 01:23 AM IST
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things are turned movement on cane price

दो सबसे बड़े गन्ना उत्पादक राज्यों उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के साथ ही कर्नाटक में भी चालू पेराई सीजन (अक्तूबर, 2013 से सितंबर, 2014) के लिए गन्ना मूल्य पर चीनी मिलों और किसानों के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है।

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चीनी मिलें पिछले सीजन से कम दाम देना चाहती हैं लेकिन किसान 300 रुपये प्रति क्विंटल से कम की कीमत लेने को तैयार नहीं हैं। इसके चलते चीनी मिलों में पेराई भी शुरू नहीं हो सकी है।
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कर्नाटक में जरूर कुछ मिलों में पेराई शुरू हुई है लेकिन वहां राज्य सरकार द्वारा तय कीमत को चीनी मिलें मानने को तैयार नहीं हैं।

ऐसे में केंद्र सरकार की रंगराजन समिति की सिफारिशों पर चीनी उद्योग को नियंत्रण मुक्त करने की कवायद भी बेकार जाती दिख रही है। किसी भी राज्य में किसान रंगराजन फार्मूले के आधार पर गन्ना मूल्य स्वीकारने को तैयार नहीं है। इस फार्मूले से उत्तर प्रदेश में गन्ना मूल्य करीब 230 रुपये प्रति क्विंटल बैठता है।
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सूत्रों का कहना है कि गन्ना मूल्य पर 12 नवंबर को उत्तर प्रदेश सरकार में उच्च स्तरीय बैठक होगी। उसमें राज्य सरकार का रुख साफ होगा।

शुक्रवार को गन्ना आयुक्त के साथ गन्ना किसानों और उद्योग की बैठक में दोनों पक्षों ने अपनी राय रखी। किसान 350 रुपये तक दाम मांग रहे हैं वहीं मिलें रंगराजन फार्मूले को लागू करने पर कायम रहीं।

उत्तर प्रदेश की चीनी मिलें किसानों को 240 रुपये से अधिक दाम देने को तैयार नहीं हैं। चीनी मिलों ने साफ किया है कि पहले राज्य सरकार गन्ना मूल्य नीति तय करे, उसके बाद ही मिलें पेराई शुरू करने के बारे में कोई फैसला लेंगी।

इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (इस्मा) के महानिदेशक अबिनाश वर्मा ने अमर उजाला को बताया कि अभी तक हम अपने रुख पर कायम हैं।

महाराष्ट्र में गन्ना किसानों केलिए आंदोलन चलाने वाले स्वाभिमानी शेतकारी संघटना के अध्यक्ष और लोक सभा सांसद राजू शेट्टी ने अमर उजाला को बताया कि शुक्रवार को गन्ना परिषद की बैठक में तय किया गया कि राज्य सरकार से 300 रुपये प्रति क्विंटल का दाम मांगा जाएगा। अगर कोई फैसला नहीं होता तो 15 नवंबर को मुख्य मंत्री के गृह नगर कराड़ में किसानों की रैली के साथ आंदोलन शुरू हो जाएगा।


कर्नाटक में राज्य सरकार ने उत्तरी कर्नाटक के लिए 250 और दक्षिण कर्नाटक के लिए 260 रुपये प्रति क्विंटल का दाम तय किया है। सरकार के इस दाम को मिलें मानने के लिए तैयार नहीं है। वहीं उत्तरी कर्नाटक में कुड़ाची के विधायक पी.राजू ने इस मुद्दे पर किसानों का आंदोलन शुरू कर दिया है।

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