ताजमहल में हुआ गीता का इंतजार, लेकिन टल गई उसकी विजिट
पाकिस्तान से लौटकर आई गीता को गुरुवार को ताजमहल का दीदार करना था, लेकिन वह नहीं आ सकीं। पाकिस्तान में गीता की देखभाल करने वाले ईधी फाउंडेशन के तीन सदस्य गीता के बिना ही सुबह 11 बजे ताजमहल पहुंचे। विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के साथ पहुंचे फाउंडेशन के तीनों सदस्यों ने ताज का दीदार किया।
उन्होंने गीता की केयर टेकर बिल्किस बानो की तबियत खराब होने से कार्यक्रम के टलने की जानकारी दी। पाकिस्तान से 15 साल बाद लौटी गीता को गुरुवार को ताजमहल का दीदार करना था। सुबह 11 बजे पाकिस्तान के ईधी फाउंडेशन की रिजवाना, मो. शाद समेत तीन सदस्य पहुंचे, लेकिन उनके साथ गीता नहीं थी।
इंदौर में रह रही गीता को अपनी केयर टेकर रही बिल्किस बानो के साथ आना था, लेकिन उनकी तबियत खराब होने से केवल पाकिस्तानी सदस्य ही ताज के दीदार के लिए आए।
नहीं दिया इसका जवाब
ईधी फाउंडेशन की सदस्य रिजवाना ने कहा कि ताजमहल देखने का उनका सपना पूरा
हुआ। ताज आकर उन्हें बहुत अच्छा लगा। राजनैतिक सवालों पर चुप्पी साधे रही
रिजवाना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एक करोड़ रुपये डोनेशन के
एलान पर कहा कि वह डोनेट कर दिया गया।
हालांकि इससे पहले खबर आई कि
फाउंडेशन ने डोनेशन लेने से इंकार कर दिया, लेकिन रिजवाना ने कहा कि एक
करोड़ रुपये डोनेट कर दिए गए हैं। यह रकम किसे दी गई, इसका जबाव पाकिस्तानी
प्रतिनिधिमंडल ने नहीं दिया।