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'रेप और पैर कटने के बाद भी धमकी देते रहे आरोपी'

Wed, 17 Dec 2014 07:27 PM IST
Updated Wed, 17 Dec 2014 07:27 PM IST
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They raped me, threw me before a train

राजस्थान के फतेहपुरा में रेप के बाद हादसे में दोनों पैर गंवा चुकी पीड़िता को आरोपी ने परिवार सहित जान से मारने की धमकी दी।

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मजदूरी करके जीवन यापन करने वाली पीड़िता को रेप के बाद आरोपी ने ट्रेन की पटरी पर छोड़ दिया। ट्रेन से उसके दोनों पैर कट गए लेकिन जान बच गई। इसके बाद भी आरोपी ने उसका पीछा नहीं छोड़ा। अस्पताल में पीड़िता को आरोपी ने धमकाया कि पुलिस को कुछ बताया तो उसे और उसके परिवार को मार दिया जाएगा।

पीड़िता का कहना है कि रेप के बाद उसकी मां भी उससे बुरा व्यवहार करने लगी। पड़ोसी ने भी रेप की कोशिश की लेकिन मां ने नहीं रोका। पुलिस ने भी साथ नहीं दिया और रिश्वत लेकर केस बंद कर दिया।
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पीड़िता ने बताया, "उसे गुस्सा है उस व्यक्ति के प्रति जिसने उसका बलात्कार किया, उस परिवार के प्रति उसके मन में गुस्सा है जिसने उसे छोड़ दिया। उसे गुस्सा इस बात का भी है कि जिस व्यक्ति ने उसका जीवन तबाह कर दिया उसे अब तक सजा नहीं मिल पाई है।" पीड़िता की इच्छा है कि वो उन सभी लोगों को सबक सिखाए जिसने उनके जीवन को तबाह कर दिया।
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(साभार- हिंदुस्तान टाइम्स)

'रेप के बाद ट्रेन की पटरी पर छोड़ गए आरोपी'

They raped me, threw me before a train

रेप पीड़िता महिला ने बताया, "मुझे 16 सितंबर 2012 की वो शाम आज भी याद है। मैं अपनी चाची के घर से वापस आ रही थी और अपने गांव फतेहपुरा जाने के लिए कपसाण से बस बदलने वाली थी। रास्ते में मुझे नरवाण सिंह मिलता है, जो उस साइट का निरीक्षक था जहां मैं पहले काम करती थी। नरवाण सिंह ने साइट पर कई बार मेरे साथ छेड़खानी करने की कोशिश की थी। लेकिन उस दिन उन्होंने मुझे अपनी जीप में खींच लिया और वो मुझे स्टेशन के पास किसी सुनसान जगह पर ले गए। वहां पर नरवाण सिंह ने मेरा बलात्कार किया और उसका भाई ये सब देखता रहा।"

पीड़िता ने आगे बताया, "जब मैने कहा कि मै पुलिस से शिकायत करूंगी तो उन्होंने मुझे पीटा और अपने दूसरे साथ पप्पू सिंह को बुलाकर मुझे जान से मारने का फैसला कर मुझे ट्रेन के आगे फेंक दिया। ट्रेन मेरे उपर से गुजर गई और मेरी दोनों टांगे घुटने के ऊपर से कट गईं। मैं दर्द से कराह रही थी और मुझे थोड़ा बहुत ही होश था। मुझे याद है कि ड्राइवर ने ट्रेन रोकी और मुझे कपसाण स्टेशन ले गया। वहां से मुझे अस्पताल ले जाया गया। पप्पू सिंह ने मुझे अस्पताल में भी मारने की धमकी दी।"

न पुलिस ने दिया साथ न मिला परिवार का सहारा

They raped me, threw me before a train

पीड़िता ने बताया कि वो आरोपियों की धमकी से नहीं डरी और उसने पुलिस में शिकायत की, लेकिन पुलिस ने आरोपी का नाम एफआईआर में शामिल करने से मना कर दिया। पप्पू से रिश्वत लेने के बाद सर्कल इंस्पेक्टर प्रवीन सुन्दा ने उसकी फाइल को बंद कर दिया। उसने बताया, "मैने फिर पुलिस अधीक्षक से शिकायत की उन्होंने तुरंत सुन्दा को निलंबित कर केस को फिर से खुलावाया। कपसाण कोर्ट में वकीलों ने मेरे बयान को दर्ज नहीं किया, लेकिन कुछ असहज सवाल मुझसे पूछ डाले। तीन लोगों को तो गिरफ्तार कर लिया गया लेकिन पप्पू जेल से जमानत पाने में कामयाब हो गया।'

पीड़िता ने बताया कि वो अपनी मां और अपने छोटे भाई के साथ दिहाड़ी मजदूर के तौर पर काम करती थी। उसने बताया कि उसके पिता कई साल पहले ही गुजर चुके थे और दो बड़ी बहनों की शादी हो चुकी थी। उसने बताया, "बलात्कार के बाद उसकी मां का व्यवहार भी उसके प्रति काफी बदल गया। वो मेरे साथ अलग तरीके से व्यवहार करने लगी और मुझे पीटने लगी। मुझे सरकार की तरफ से मुआवजे के तौर पर जो दो लाख रुपए मिले थे वो उसमें हिस्सा चाहती थी। मैने उन्हें एक लाख रुपए दे भी दिए थे लेकिन उन्हें उतने से संतोष नहीं था। मुझे सबसे बड़ा झटका उस वक्त लगा जब मेरा एक पड़ोसी एक रात के लिए हमारे घर पर आया और उसने मेरा बलात्कार करने की कोशिश की, लेकिन मेरी मां ने उसे रोकने तक की कोशिश नहीं की।"

10 साल पहले हुई थी पीड़िता की शादी

They raped me, threw me before a train

पीडि़ता ने बताया कि उसकी शादी करीब 10-साल पहले हुई थी। उसने बताया कि यहां रिवाज है कि लड़कियों की शादी 10 से 12 साल के आस पास कर दी जाती है और वयस्क हो जाने के बाद उन्हें उनकी ससुराल में भेज दिया जाता है। उसने बताया कि वो अपने पति के घर पर आया जाया करती थी लेकिन बलात्कार हो जाने के बाद उस परिवार ने उससे सभी संबंध तोड़ लिए। लेकिन उसने बताया कि उसे सबसे ज्यादा दुख उसकी मां के द्वारा उसे छोड़े जाने का हुआ। पीड़िता ने कहा कि आखिर उसकी गलती क्या थी?

उसने बताया कि उसे अब कहीं नहीं जाना पड़ता है पुलिस उसे प्रयास के पास ले गई। पीड़िता ने बताया कि प्रयास के सेंटर-इन-चार्ज खेमराज चौधरी ने उसे स्कूल में भर्ती कर लिया और अब वो उसके परिवार का हिस्सा है। उसने बताया कि वो अब जब भी रोती है तो वो उसे समझाते हैं कि अब रोने का वक्त उन दुष्टों का है। उसने बताया कि उसने खेमराज जी को कहा है कि टेलरिंग का कोर्स करना चाहती है। उसने बताया कि उसे सिलाई करना पसंद है और वो जयपुर जाना चाहती है और उसे स्कूल में अच्छा लगता है।

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