आधे से ज्यादा व्यवसायी घूस देने को नहीं मानते बुरा
एक सर्वे में पता चला है कि 66 प्रतिशत व्यवसायियों का ये मानना है कि भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलनों से उनके उद्योग पर फर्क पड़ेगा। उनका मानना है कि कुछ मामलों में रिश्वत स्वीकार्य है।सर्वे के मुताबिक 80 प्रतिशत लोग यह मानते हैं कि भ्रष्टाचार अभी भी बड़े पैमाने पर है तो वहीं 52 प्रतिशत लोगों का यह मानना है कि व्यवसाय को जिंदा रखने के लिए गिफ्ट देना तर्कसंगत है।
सर्वे में ये भी बात सामने आई है कि 27 प्रतिशत लोगों का ये मानना है कि रिश्वत का कैश पेमेंट सबसे बढ़िया रास्ता है। दिलचस्प बात ये सामने आई है कि 35 प्रतिशत लोगों का ये मानना है कि भ्रष्टाचार से जुड़े आंदोलन उनके व्यवसाय को नुकसान पहुंचाती है। इस सर्वे को 38 देशों में किया गया है।
चुनौतीपूर्ण है काम करना
यह सर्वे 3800 लोगों पर किया गया जो यूरोप, भारत, अफ्रीका और मध्य पूर्व के देश शामिल थे। सर्वेक्षण में यह बात भी सामने आई है कि 60 प्रतिशत भारतीयों का मानना है कि उनके कार्य क्षेत्र में नियामक गतिविधि बढ़ने का नैतिक मानदंडों पर सकारात्मक प्रभाव हुआ है।
57 प्रतिशत लोगों का मानना है कि नियमों के बढ़ जाने से उनके काम में और भी ज्यादा चुनौतियां आ गई हैं, जिससे उनके व्यवसाय की वृद्धि और सफलता में कमी आ रही है। जिसे मेंटेन रखने के लिए उन्हें चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। सर्वे के अनुसार नियामकों द्वार उठाए गए कदमों का व्यावसायिक माहौल पर अच्छा प्रभाव पड़ा है।