फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   therefore children drink cold drinks said supreme court

'तभी कोल्ड ड्रिंक्स पीने से नहीं मानते बच्चे'

Sat, 24 Nov 2012 12:35 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
नई दिल्ली/ब्यूरो Updated Sat, 24 Nov 2012 12:35 AM IST
विज्ञापन
therefore children drink cold drinks said supreme court

कोल्ड ड्रिंक्स पीने को लेकर बच्चों की जिद पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को चिंता जताई है। सर्वोच्च अदालत ने कहा कि कोल्ड ड्रिंक्स पीने से बच्चों को मना किया जाता है, लेकिन इस बारे में वह कभी सुनते नहीं हैं, क्योंकि आजकल सभी क्रिकेटर सॉफ्ट ड्रिंक्स के विज्ञापनों में आते हैं। शीर्षस्थ अदालत ने इस मसले पर केंद्र सरकार से वैज्ञानिक समितियों की कार्यवाही से संबंधित समूचे रिकॉर्ड तलब किए हैं।

विज्ञापन


जस्टिस केएस राधाकृष्णन व जस्टिस दीपक मिश्रा की पीठ के समक्ष याचिकाकर्ता एनजीओ की ओर से अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि कोल्ड ड्रिंक्स के सभी विज्ञापन बच्चों को ध्यान में रखकर बनाए जा रहे हैं। जबकि स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों की आशंका पर बच्चों के कोल्ड ड्रिंक्स पीने पर रोक लगाए जाने की जरूरत है।
विज्ञापन


भूषण की दलील पर जस्टिस राधाकृष्णन ने कहा कि हमें बच्चों को सॉफ्ट ड्रिंक्स पीने से रोकना चाहिए। उन्हें रोका भी जाता है, लेकिन वह सुनते ही नहीं हैं। आजकल सॉफ्ट ड्रिंक्स के विज्ञापनों में सभी क्रिकेटर भी आ रहे हैं। पीठ ने एनजीओ सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन (सीपीआईएल) की ओर से दायर याचिका पर यह टिप्पणी की।
विज्ञापन
विज्ञापन


भूषण ने पीठ से कहा कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण की तकनीकी समिति इस पूरे मामले में अदालत को गलत राह दिखा रही है। इस पर अदालत ने भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण को अदालत के निर्देश पर गठित सभी समितियों की कार्यवाही से जुड़े रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश दिया।


वैज्ञानिक समितियों का गठन कर अदालत ने गत वर्ष 8 फरवरी को उन्हें कार्बोनेटेड ड्रिंक्स में केमिकल्स के नुकसानदायक प्रभावों और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर का पता लगाने को कहा था। पीठ ने अगली सुनवाई की तारीख तय करते हुए 3 दिसंबर तक सभी रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश प्राधिकरण को दिया है। याचिका में विशेष समिति से कोल्ड ड्रिंक्स में मिलाए जाने वाले केमिकल्स के नुकसान की जांच कराने को कहा गया है। हालांकि इस पर प्राधिकरण की तकनीकी समिति विचार कर रही है जिसमें कई वैज्ञानिक दल शामिल हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed