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मुंबई में गुजराती-मराठी विवाद बढ़ने के आसार

Sun, 11 May 2014 04:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मुबई
ब्यूरो/अमर उजाला, मुबई Updated Sun, 11 May 2014 04:52 PM IST
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there would be tention between marath and gujrati people

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष राज ठाकरे ने लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को भले ही समर्थन दिया है लेकिन अब मराठी अस्मिता के नाम पर गुजरातियों पर निशाना साध दिया है।

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इससे मुंबई में गुजराती-मराठी विवाद बढ़ने के आसार हैं। पहले शिवसेना और अब मनसे ने गुजरातियों के खिलाफ मोर्चा खोला है। ताजा मामला एक गुजराती अखबार के विज्ञापन को लेकर खड़ा हुआ है।

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विज्ञापन में गुजराती श्रेष्ठ

there would be tention between marath and gujrati people

बेस्ट की करीब 200 बसों में विज्ञापन के साथ ही मुंबई और ठाणे में जगह-जगह अखबार की होर्डिंग लगाई गई हैं। विज्ञापन में मुंबई के विकास का श्रेय गुजरातियों को दिया गया है।

मनसे इसी मुद्दे को लेकर हमलावर हो गई है हालांकि मनसे के इस विरोध के मद्देनजर बेस्ट समिति के चेयरमैन अरविंद दुधवड़कर ने बेस्ट बसों पर लगे अखबार के विज्ञापन को तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश दिया है फिर भी मनसे ने चेतावनी दी है कि यदि विज्ञापन नहीं हटाए गए तो वह अपनी स्टाइल में निपटेगी।

इससे मुंबई में गुजराती बनाम मराठी की लड़ाई तेज होने की आशंका जताई जाने लगी है।

मनसे ने गुजरातियों पर साधा निशाना

there would be tention between marath and gujrati people

इसके पहले महाराष्ट्र स्थापना दिवस पर एक मई को शिवसेना के मुखपत्र सामना में गुजरातियों को आड़े हाथ लिया गया था। कहा गया था कि गुजराती लोटा लेकर आते हैं और मुंबई में धन्नासेठ बन जाते हैं लेकिन वे महाराष्ट्र दिवस नहीं मनाते।

इस तरह शिवसेना के मुखपत्र में मुंबई के गुजराती व्यापारियों के महाराष्ट्र प्रेम पर सवाल उठाए गए थे। इस मामले के तूल पकड़ने पर शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे और उनके पुत्र युवा सेना अध्यक्ष आदित्य ठाकरे को सफाई देनी पड़ी थी।

पर, अब गुजराती विरोध का मुद्दा मनसे ने लपक लिया है। इससे मुंबई में गुजराती बनाम मराठी विवाद बढ़ने की आशंका जताई जाने लगी है।

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