'देश के हर जिले में खुलेगा आयुर्वेद अस्पताल'
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केंद्रीय आयुष मंत्री श्रीपाद नाइक का कहना है कि आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए देश के हर जिले में एक आयुष अस्पताल खोला जाएगा। उन्होंने कहा है कि अलग आयुष मंत्रालय बनने के बाद आयुर्वेद में रिसर्च और डेवलपमेंट पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि जिन जिलों में अलग अस्पताल नहीं बन पाएगा वहां मौजूदा जिला अस्पतालों में आयुष का एक अलग विभाग खोलने का प्रस्ताव भी है। आयुष मंत्रालय की उपलब्धियों और चुनौतियों पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि एक बड़ी समस्या आयुर्वेद के डॉक्टरों और एलोपैथी के डॉक्टरों को मिलने वाली अलग-अलग तनख्वाह है।
उनका कहना है कि जब दोनों ही विषयों की पढ़ाई पांच वर्षों में पूरी होती है तो फिर तनख्वाह में फर्क नहीं होना चाहिए। उन्होंने बताया कि उनके मंत्रालय ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है कि इस कमी को दूर करना चाहिए और उन्हें विश्वास है कि जल्द ही इस दिशा में कुछ किया जाएगा।
कहां होगा देश का पहला विज्ञान संस्थान?
श्रीपाद नाइक ने कहा कि शीघ्र ही दिल्ली में देश का पहला आयुर्विज्ञान संस्थान (आयुर्वेद एम्स) शुरु हो जाएगा और इसके बाद देश के दूसरे हिस्सों में भी इस तरह के अस्पतालों का निर्माण किया जाएगा।
आयुर्वेद की एक ही दवा की अलग-अलग कीमतों के बारे में उन्होंने कहा कि उनका मंत्रालय आयुर्वेद की दवाओं पर मूल्य नियंत्रण लागू करने के उपायों पर भी विचार कर रहा है।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के बाद दुनिया भर में योग की चर्चा हुई है और वे चाहते हैं कि ऐसा जल्द ही आयुर्वेद के बारे में भी हो। योग के बारे में उन्होंने बताया कि उनका मंत्रालय मानव संसाधन विकास मंत्रालय से भी चर्चा कर रहा है जिससे कि योग को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया जा सके। उनका कहना है कि सुझाव दिया गया है कि शेष खेलों के साथ योग को भी शामिल कर लिया जाए।
योग, खासकर सूर्य नमस्कार को लेकर किए जा रहे विरोध के बारे में उन्होंने कहा कि इसे लेकर कोई सांप्रदायिक विवाद नहीं होना चाहिए क्योंकि यह तो सिर्फ एक नाम है।