फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   there will be a separate law to wear dhoti

तमिलनाडु में धोती के लिए बनेगा कानून

Wed, 16 Jul 2014 03:30 PM IST
Updated Wed, 16 Jul 2014 03:30 PM IST
विज्ञापन
there will be a separate law to wear dhoti

तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता ने विधानसभा में कहा है कि जल्द ही निजी क्लबों में धोती पहनने की मंज़ूरी देने के लिए क़ानून पारित किया जाएगा।

विज्ञापन


पिछले हफ़्ते मद्रास हाईकोर्ट के एक जज को तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन (टीएनसीए) के क्लब में धोती पहनने की वजह से प्रवेश न देने पर विवाद के बाद मुख्यमंत्री ने ये बयान दिया है।
विज्ञापन


जयललिता ने कहा कि आज़ादी के 67 साल बाद भी ऐसा होना शर्मनाक घटना है।

मंगलवार को डीएमके, सीपीएम और अन्य पार्टियों के नेताओं ने सदन में इस घटना की आलोचना की थी। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री करुणानिधि ने इस घटना को तमिल संस्कृति के ख़िलाफ़ बताया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

धोती को लेकर हो रही राजनीति

there will be a separate law to wear dhoti

करुणानिधि के बयान के बाद मुद्दे ने राजनीतिक रंग ले लिया था। जस्टिस डी हरिपारनथन टीएनसीए के क्लब में एक पूर्व कार्यवाहक चीफ़ जस्टिस की पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम में पहुँचे थे। जज और दो वकीलों को धोती पहनने के कारण क्लब में प्रवेश नहीं दिया गया था।

मीडिया रिपोर्टों में जस्टिस हरिपारनथन के हवाले से कहा गया था, "मैं एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए क्लब पहुँचा था। मेरे तर्क देने के बावजूद मुझे प्रवेश नहीं दिया गया।"

इसी बीच मद्रास हाई कोर्ट ने इस संबंध में क्लबों को दिशानिर्देश जारी करने के लिए दायर की गई एक जनहित याचिका को अस्वीकार कर दिया है। अदालत का कहना है कि टीएनसीए एक निजी संस्थान है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed