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लवासा में कुछ भी गलत नहीं हुआ: पवार
नई दिल्ली/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 18 Oct 2012 11:05 PM IST
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कृषि मंत्री शरद पवार ने महाराष्ट्र के लवासा प्रोजेक्ट को लेकर पूर्व आईपीएस अधिकारी और वकील वाईपी सिंह के आरोपों को नकार दिया है। पवार ने अपनी सफाई में कहा है कि लवासा मामले में किसी नियम को नहीं तोड़ा गया है। उन्होंने अपनी बेटी सुप्रिया सुले और उनके पति पर लगाए गए आरोपों को भी निराधार बताया।
बृहस्पतिवार को पवार ने माना कि सुप्रिया के पास लवासा कंपनी के शेयर थे जो उन्होंने 2005-06 में ही बेच दिए। एनसीपी प्रमुख पवार ने अपने बचाव में जानकारी दी कि लवासा कंपनी को जमीन देश में लागू हिल स्टेशन पॉलिसी के तहत दी गई। यह पॉलिसी आजादी के पहले से ही लागू है।
पवार ने कहा कि महाराष्ट्र कृष्णा घाटी डेवलपमेंट कारपोरेशन की बिना इस्तेमाल की जमीन लवासा को इसलिए दी गई कि इस कंपनी ने इसे उन्नत करने की जिम्मेदारी ली। पॉलिसी के तहत अगर कोई कंपनी यह जिम्मेदारी लेती है तो राज्य सरकार को अधिकार है कि नियम के तहत जमीन का अधिग्रहण कर उसे कंपनी को सौंपे। पवार ने दलील दी कि वैसे भी पूरी जमीन का 80 फीसदी हिस्सा पानी में डूबा है।
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इस प्रोजेक्ट में पवार और उनके परिवार की भागीदारी के आरोपों के जवाब ने उन्होंने कहा कि वह उनके राज्य की उन्नति का मामला है लिहाजा उनकी भागीदारी में कुछ भी गलत नहीं है। पवार के मुताबिक इसी के तहत उन्होंने हिल स्टेशन पॉलिसी पर मुख्यमंत्री की बैठक में हिस्सा लिया और प्रोजेक्ट की जगह का मुआयना किया था। साथ ही पवार ने ताकीद भी की कि इस मामले में ज्यादा इसलिए नहीं बोला जा सकता क्योंकि अदालत में इस मामले की सुनवाई चल रही है।
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बृहस्पतिवार को पवार ने माना कि सुप्रिया के पास लवासा कंपनी के शेयर थे जो उन्होंने 2005-06 में ही बेच दिए। एनसीपी प्रमुख पवार ने अपने बचाव में जानकारी दी कि लवासा कंपनी को जमीन देश में लागू हिल स्टेशन पॉलिसी के तहत दी गई। यह पॉलिसी आजादी के पहले से ही लागू है।
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पवार ने कहा कि महाराष्ट्र कृष्णा घाटी डेवलपमेंट कारपोरेशन की बिना इस्तेमाल की जमीन लवासा को इसलिए दी गई कि इस कंपनी ने इसे उन्नत करने की जिम्मेदारी ली। पॉलिसी के तहत अगर कोई कंपनी यह जिम्मेदारी लेती है तो राज्य सरकार को अधिकार है कि नियम के तहत जमीन का अधिग्रहण कर उसे कंपनी को सौंपे। पवार ने दलील दी कि वैसे भी पूरी जमीन का 80 फीसदी हिस्सा पानी में डूबा है।
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इस प्रोजेक्ट में पवार और उनके परिवार की भागीदारी के आरोपों के जवाब ने उन्होंने कहा कि वह उनके राज्य की उन्नति का मामला है लिहाजा उनकी भागीदारी में कुछ भी गलत नहीं है। पवार के मुताबिक इसी के तहत उन्होंने हिल स्टेशन पॉलिसी पर मुख्यमंत्री की बैठक में हिस्सा लिया और प्रोजेक्ट की जगह का मुआयना किया था। साथ ही पवार ने ताकीद भी की कि इस मामले में ज्यादा इसलिए नहीं बोला जा सकता क्योंकि अदालत में इस मामले की सुनवाई चल रही है।