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जानिए, केजरीवाल के मुफ्त पानी के तोहफे की हकीकत

Tue, 31 Dec 2013 01:19 PM IST
टीम डिजिटल, ब्यूरो/अमर उजाला
टीम डिजिटल, ब्यूरो/अमर उजाला Updated Tue, 31 Dec 2013 01:19 PM IST
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there is a catch in arvind kejriwal's free water decision

आम आदमी पार्टी सरकार ने सोमवार को अपना पहला चुनावी वादा पूरा करते हुए हर महीने 20 हजार लीटर पानी मुफ्त देने का ऐलान किया। यह फैसला नए साल के पहले दिन से लागू होगा और अगर कोई पानी इस्तेमाल करने में यह सीमा लांघता है, तो दर में सीधा दस फीसदी का इजाफा होगा।

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लेकिन इसमें एक खेल भी है। और मुफ्त पानी की सौगात में बड़ा खेल शामिल है। अगर कोई मुफ्त पानी की सीमा से आगे निकलता है, भले वह एक लीटर क्यों न हो, तो नई दर के हिसाब से भुगतान करना होगा। इसका मतलब यह हुआ कि अगर कोई परिवार महीने में 21 हजार लीटर पानी इस्तेमाल करता है, तो बिल 21 हजार लीटर का बनेगा, न कि सिर्फ एक हजार लीटर का।
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इसके अलावा अनधिकृत कॉलोनी और झुग्गियों में रहने वालों को इसका फायदा नहीं मिलेगा। डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क में होने के बावजूद जिन्हें दिल्ली जल बोर्ड का पानी नहीं मिल रहा, वे भी इस बोनस से वंचित रहेंगे। जिन्हें पानी बल्क में मिलेगा, उन्हें भी इसका सीधा फायदा नहीं मिल पाएगा।
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आधी से ज्यादा दिल्ली की प्यास कब बुझेगी

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बीस हजार लीटर मुफ्त पानी देने का वादा सरकार ने तो पूरा कर दिया, लेकिन इस फैसले से दिल्ली में रहने वाले सभी को फायदा पहुंचने वाला नहीं है। क्योंकि दिल्ली के आधे से अधिक घरों में अभी तक पानी का मीटर नहीं लगा है।

इतना ही नहीं, कई इलाकों में तो जल बोर्ड का पानी पहुंचता ही नहीं। लोगों प्राइवेट टैंकरों के ही भरोसे रहना पड़ता है। दिल्ली सरकार के फैसले से एक तरफ खुशी है तो दूसरी तरफ लोगों को फायदा नहीं पहुंचने का गम भी सता रहा है।

जनगणना के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में 44 लाख से ज्यादा घर हैं। इनमें जल बोर्ड के मीटर महज 17 लाख घरों में ही लगे हैं। इनमें भी चालू हालत में करीब 10 लाख मीटर ही हैं। ऐसी स्थिति में बाकी परिवारों को इसका लाभ नहीं मिलने वाला, क्योंकि मुफ्त पानी उन्हीं को मिलेगा, जिनके घर मीटर लगे हैं।

किराए पर रहने वालों को फायदा नहीं

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दिल्ली में एक बड़ा तबका किराये के मकान में रहता है। कई मंजिलों वाले ज्यादातर मकानों में पानी का एक ही मीटर लगा है। ऐसे में किराएदारों को फायदा नहीं मिलेगा, क्योंकि दो मंजिल या तीन मंजिल का मीटर एक होने के कारण पानी का बिल भी बढ़ जाएगा।

ठंड के दिनों में तो सरकार के इस फैसले से लोगों को राहत मिलेगी, लेकिन गर्मी आते ही खपत बढ़ जाती है। ज्यादातर घरों में एक हजार लीटर की टंकी लगी है।

आम तौर पर सुबह शाम लोग पानी की इस टंकी को भरते हैं। ऐसे में प्रतिदिन लोग दो हजार लीटर पानी स्टोर करते हैं, लेकिन सरकार के फैसले के हिसाब से 666 लीटर पानी ही मुफ्त मिलेगा। ऐसी स्थिति में भी लोगों को फायदा नहीं पहुंचता दिखाई पड़ रहा है।

दस फीसदी बढ़े पानी के दाम

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दिल्ली की नई सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को 20 हजार लीटर प्रतिमाह इस्तेमाल करने पर मुफ्त पानी का तोहफा दिया है, लेकिन लिमिट क्रॉस करने पर 10 प्रतिशत ज्यादा भुगतान करना होगा।

जल बोर्ड ने एक जनवरी से नया टैरिफ लागू किया है, जिसमें पानी के 10 फीसदी दाम बढ़ा दिए हैं। जल बोर्ड के सीईओ की घोषणा पर गौर करें तो 31 मार्च के बाद यह सरचार्ज सभी पर लगेगा। क्योंकि मुफ्त पानी की योजना 31 मार्च तक ही है।

एक अन्य फैसले में जल बोर्ड ने 31 मार्च तक बकाया राशि के भुगतान पर 30 प्रतिशत छूट देने की बात की है। बोर्ड ने 20 हजार लीटर प्रतिमाह मुफ्त पानी का तोहफा देने के साथ ही यह भी फैसला लिया है कि अगले महीने से बढ़े हुए टैरिफ के साथ बिल का भुगतान करना होगा।

मुफ्त पानी पर पब्लिक बोली थैंक्यू

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दिल्ली के मुख्यमंत्री बनते ही दो दिनों के भीतर मुफ्त पानी देने की अरविंद केजरीवाल की घोषणा का दिल्ली की आम जनता ने स्वागत किया है।

शाम को केजरीवाल के घर पर हुई जल बोर्ड की बैठक में लिए फैसले पर जनता ने कहा कि पहले मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने तबीयत खराब होने के बाद भी अपना वादा निभाया।

दिल्लीवासियों ने कहा कि मुख्यमंत्री ने वादा तो पूरा किया, लेकिन अभी भी दिल्ली के हर घर तक पानी पहुंचाना बड़ी चुनौती है। आज भी लाखों घरों तक पानी की सप्लाई ही नहीं है। वहीं, तय सीमा से ऊपर पानी खर्च होने पर पूरा बिल देना बड़े परिवारों के लिए चिंता की बात है। मुख्यमंत्री के इस फैसले पर अमर उजाला ने कुछ दिल्लीवासियों से बात की।

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