किताब के जरिए विहिप बदलेगा अपनी उग्र छवि
उग्र हिंदुत्व की पहचान वाले विश्व हिंदू परिषद (विहिप) पर भी बदलते वक्त का असर हो रहा है। संघ की तरह विहिप भी अपनी छवि बदलने में जुट गया है।
अपने बारे में फैली भ्रांतियों को दूर करने के लिए संघ की तर्ज पर विहिप ने भी पुस्तक का सहारा लिया है। अब छवि बदलने के प्रयास में ‘विश्व हिंदू परिषद : एक परिचय’ के जरिए अपने उद्देश्यों और कामकाज से लोगों को रूबरू कराएगा।
विहिप की यह पुस्तक ऐसे समय में आई जब धर्मांतरण और लव जिहाद सरीखे मुद्दों को लेकर उस पर उग्र होने के आरोप लग रहे हैं।
अंग्रेजी और हिंदी दोनो ही भाषाओं में छपी इस पुस्तक में विहिप ने अपनी स्थापना के उद्देश्यों को 40 सूत्रीय हिंदू पाथेय के जरिये सामने रखा है। इसके अलावा पूर्व में हुए ऐतिहासिक कार्यक्रमों और प्राकृतिक आपदाओं में परिषद की भूमिकाओं का विस्तार से वर्णन किया गया है।
किताब में हैं कई हस्तियों के नाम
तमाम मुद्दों पर अपनी राय रखते हुए विहिप ने रामजन्म भूमि आंदोलन को विश्व के इतिहास में अद्वितीय बताते हुए हिंदू समाज के राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक जागरण के लिए इसे अहम करार दिया है।
अपनी साख को बेहतर दिखाने के प्रयास में दलाई लामा, मास्टर तारा सिंह और जगजीवन राम सरीखे हस्तियों की विहिप के बारे में बयानों को पुस्तक में दर्शाया गया है।
विहिप के अनुसार पूर्व उप प्रधानमंत्री जगजीवन राम ने कहा था कि मैं आपको यह आश्वासन दिला सकता हूं कि इस महान कार्य के लिए आपके जो प्रयास हैं, उनमें मेरा सतत योगदान रहेगा। प्रसिद्ध वैज्ञानिक बी बी रमण, कांग्रेस नेता एन वी गाडगिल और जुगल किशोर बिड़ला सरीखे लोगों की राय को दर्शाया है।