फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   The unwed girl giving birth a child in toilet

यूपी: बिन ब्याही छात्रा ने टायलेट में जन्मा बच्चा

Fri, 15 May 2015 12:44 PM IST
Updated Fri, 15 May 2015 12:44 PM IST
विज्ञापन
The unwed girl giving birth a child in toilet

श्री वार्ष्णेय डिग्री कॉलेज में बीए (व्यक्तिगत) की परीक्षा देने आई एक अविवाहित छात्रा ने प्रसव पीड़ा होने के बाद कॉलेज के टॉयलेट में ही बच्चे को जन्म दे दिया। समय पूर्व हुआ यह बच्चा सात माह का है। छात्रा को आनन फानन मोहन लाल गौतम महिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया।

विज्ञापन


बच्चा भी अस्पताल की नर्सरी में भर्ती है। छात्रा मूल रूप से बुलंदशहर की रहने वाली है। माना जा रहा है कि छात्रा ने अनचाहे गर्भ से छुटकारा पाने के लिए गर्भपात कराने वाली किसी दवा का सेवन किया था, जिसके बाद उसकी यह स्थिति हुई।
विज्ञापन


बुलंदशहर के एक गांव की रहने वाली छात्रा एक महीने पहले ही अलीगढ़ में अपने रिश्तेदार के यहां पर परीक्षा देने के लिए आई थी। सुबह करीब 10.30 बजे छात्रा के प्रसव की जानकारी मिलने के बाद कॉलेज प्रशासन भी सकते में आ गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


तुरंत ही एंबुलेंस की व्यवस्था की गई और उड़ान सोसाइटी की सहायता से छात्रा को महिला अस्पताल भेज दिया गया। महिला अस्पताल में पहुंचे रिश्तेदार ने बताया कि छात्रा के पिता साधारण किसान हैं और तीन बहनों में यह सबसे बड़ी है। छात्रा की स्थिति का किसी को भी अंदाजा नहीं था।

सात माह का है बच्चा, अस्पताल की नर्सरी में भर्ती

The unwed girl giving birth a child in toilet

कॉलेज से उन्हें सूचना मिली थी कि उसके पेट में दर्द उठा है जिसके बाद वह अस्पताल चले आए। अब पूरी बात पता लगने पर वह खुद को बेहद असहज अनुभव कर रहे हैं। खुद को बेहद असहज स्थिति में पा रहे परिजनों को अस्पताल के स्टाफ ने हिम्मत बंधाई।

परिजनों का भी रो रोकर बुरा हाल था। छात्रा को उड़ान सोसाइटी की महिला काउंसलर्स ने अस्पताल में भर्ती कराया था। साथ ही उसके परिजनों की भी काउंसलिंग की।

नहीं रुक रहे हैं छात्रा के आंसू
बिना ब्याह के मां बनी छात्रा बीच बीच में आंखें तो खोल रही है लेकिन बोल नहीं पा रही है। उसकी आंखों से आंसू रुक नहीं रहे हैं।  दूसरी ओर उसके परिजन जिला महिला अस्पताल में खुद को विचित्र स्थिति में पा रहे थे। उनके दुख में वह महिलाएं भी साझा हो गईं जिनकी पहले से परिजनों से कोई पहचान नहीं थी।

कोई इसे नादानी में में उठा कदम समझ कर दर किनार करने की बात कह रहा था तो कोई समस्या का हल सोचने की बात कह रहा था। इन सबके बीच परिजनों की स्थिति यह थी कि न सलाह और न सुझाव समझ में आ रहे थे।

कुछ देर बाद रिश्तेदारी के एक पुरुष सदस्य ने स्थिति को देखते हुए समझाने और आगे की बात सोचने का सुझाव दिया। रिश्तेदारों की एक चिंता यह भी थी कि अगर लड़की गांव वापस गई तो उसके और उसके बच्चे के लिए यह बेहद खतरनाक स्थिति हो सकती है।

परिजनों की चिंता कौन है छात्रा की स्थिति का जिम्मेदार?

The unwed girl giving birth a child in toilet

सामाजिक संस्था की काउंसलर्स का सुझाव था कि पहले छात्रा को थोड़ा सामान्य होने दिया जाए। रिश्तेदार यह भी जानकारी करने की कोशिश कर रहे थे कि आखिर छात्रा की इस स्थिति का जिम्मेदार कौन है? अगर वह छात्रा का साथ देने का फैसला कर लेता है तो काफी हद तक बिगड़ी हुई बात संभल सकती है।

जिला महिला अस्पताल की स्टाफ नर्स और डॉक्टर्स की भी सहानुभूति छात्रा के साथ है।  वह परिजनों को इस बात के लिए कह रही हैं कि ऐसा कोई काम या बात न कहें जो छात्रा के लिए आत्मघाती साबित हो। जिला महिला अस्पताल में उड़ान सोसाइटी की महिला काउंसलर्स भी मौजूद हैं।

‘छात्रा हमारे यहां की संस्थागत विद्यार्थी नहीं है। आज परीक्षा के दौरान ही उसने कक्ष निरीक्षक से टॉयलेट जाने की बात कही। उसे जाने दिया गया। बाद में पता चला कि उसे प्रसव हुआ है। कॉलेज की शिक्षिकाओं और महिला काउंसलर्स के सहयोग से छात्रा को एंबुलेंस बुलाकर महिला अस्पताल भेज दिया गया। साथ ही अलीगढ़ में उनके अभिभावकों को भी सूचित किया गया’
- डॉ. वीपी पांडेय, जनसंपर्क अधिकारी, श्री वार्ष्णेय कॉलेज

‘छात्रा को गुरुवार सुबह करीब 10.45 बजे हमारे यहां लाया गया। उसके खून की कमी थी, जिसके बाद उसे खून चढ़ाया गया। समय पूर्व प्रसव का केस था। इसलिए बच्चे को नर्सरी में रखा गया है। वह 24 घंटे डॉक्टर की निगरानी में रहेगा ’
- डॉ. गीता प्रधान, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed