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FTII विवाद में सुप्रीम कोर्ट का दखल से इंकार

Tue, 08 Sep 2015 07:50 AM IST
Updated Tue, 08 Sep 2015 07:50 AM IST
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The Supreme Court refused to intervene in the FTII dispute

गजेंद्र चौहान को पुणे स्थित फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एफटीआईआई) का चेयरमैन बनाए जाने के बाद चल रहे बवाल पर सुप्रीम कोर्ट ने दखल देने से इंकार किया है। एक जनहित याचिका दाखिल कर इस मामले में शीर्ष अदालत से दखल देने की गुहार की गई थी।

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चीफ जस्टिस एचएल दत्तू की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिका पर सुनवाई से इंकार कर दिया। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील विनीत ढांडा ने कहा कि एफटीआईआई एक प्रतिष्ठित संस्थान है लेकिन पिछले करीब तीन महीने से छात्रों के हड़ताल से यहां सब कुछ ठप है।
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बावजूद इसके सरकार समाधान निकालने की कोशिश नहीं कर रही है। याचिका में गुहार की गई थी कि महाराष्ट्र सरकार को यह निर्देश दिया जाए कि जो छात्र क्लास करने को इच्छुक हैं, उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।
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उल्लेखनीय है कि टीवी एक्टर व भाजपा के सदस्य गजेंद्र चौहान को एफटीआईआई का चेयरमैन बनाने के विरोध में संस्थान में क्लास नहीं हो रहे हैं। छात्र गजेंद्र चौहान की नियुक्ति का विरोध कर रहे हैं।

‘एफटीआईआई छात्रों ने दी भूख हड़ताल की चेतावनी’

The Supreme Court refused to intervene in the FTII dispute

फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एफटीआईआई) के चेयरमैन नियुक्ति विवाद के बीच सोमवार को गजेंद्र चौहान ने सूचना और प्रसारण राज्यमंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर से मुलाकात की।

एक आधिकारिक सूत्र ने कहा कि चौहान दिल्ली में थे, इसलिए उन्होंने मंत्री से मिलने का निर्णय लिया। मंत्रालय के  सूत्रों ने कहा कि शास्त्री भवन में यह बैठक करीब 15 मिनट चली। कहा जा रहा है कि गतिरोध को समाप्त करने के लिये सरकार की ओर से बातचीत के दरवाजे खुले हैं।

दूसरी तरफ संस्थान के चेयरमैन के रूप में गजेंद्र चौहान की नियुक्ति का विरोध कर रहे छात्रों ने अब भूख हड़ताल की चेतावनी दी है। एफटीआईआई स्टूडेंट एसोसिएशन (एफएसए) के प्रतिनिधि विकास उर्स ने कहा कि यदि हमारी मांगे नहीं मानी गई तो हम अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठेंगे।

एसोसिएशन ने हालांकि अभी भूख हड़ताल की तिथि तय नहीं की है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एफटीआईआई) चल रहे गतिरोध पर अदालत के हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है।

अदालत के फैसले पर एफएसए ने कहा कि इस आदेश का हड़ताल पर कोई असर नहीं पड़ेगा। दूसरी ओर मामले के त्वरित समाधान के लिए एक कॉन्ट्रेक्ट पर नियुक्त शिक्षक अभिजीत दास की भूख हड़ताल तीसरे दिन में प्रवेश कर गई है।

संस्थान के निदेशक प्रशांत पाठराबे ने सोमवार को शिक्षक दास से मुलाकात की। छात्रों ने पाठराबे पर विवाद के समाधान के लिए कुछ भी नहीं करने का आरोप लगाया।

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