एआईपीएमटी पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला सुरक्षित
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सुप्रीम कोर्ट ने ऑल इंडिया प्री मेडिकल टेस्ट- 2015 (एआईपीएमटी) को दोबारा आयोजित करने को लेकर दायर याचिकाओं पर शुक्रवार को फैसला सुरक्षित रख लिया। एआईपीएमटी की परीक्षा तीन मई को आयोजित की गई थी और इसमें कथित तौर पर व्यापक अनियमितता के आरोप लगे थे।
सु्प्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति आरके अग्रवाल और न्यायमूर्ति अमिताभ राय की अवकाश पीठ ने कहा कि इसकी घोषणा जल्द ही होगी और तब तक केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से एआईपीएमटी परिणाम घोषित नहीं करने को कहा।
सीबीएसई की तरफ से अदालत में पेश सालिसिटर जनरल रंजीत कुमार ने परीक्षा रद्द करने की दलील का विरोध करते हुए कहा, 6.3 लाख छात्रों को दोबारा परीक्षा देने के लिए विवश नहीं किया जा सकता जब गलत तरीकों से केवल 44 छात्रों के अनुचित तरीकों से लाभ प्राप्त करने की बात पाई गई है। बता दें कि आठ जून को सु्प्रीम कोर्ट ने एआईपीएमटी परीक्षा का परिणाम घोषित करने पर रोक लगा दी थी।
कोर्ट तय करेगा कि परीक्षा दोबारा कराई जाए या नहीं
ऑल इंडिया प्री मेडिकल टेस्ट (एआईपीएमटी) दोबारा होगा या नहीं, इस पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को अपना फैसला सुनाएगा। कोर्ट ने शुक्रवार को सभी पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया।
साथ ही परीक्षा परिणाम घोषित करने पर लगी रोक भी अब 15 जून तक के लिए बढ़ा दी गई है। परीक्षा में व्यापक पैमाने पर अनियमितता का आरोप लगाते हुए कुछ छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर इसे दोबारा आयोजित कराने की गुहार लगाई थी।
न्यायमूर्ति आरके अग्रवाल और न्यायमूर्ति अमिताभ रॉय की अवकाशकालीन पीठ ने फैसला सुरक्षित रखते हुए कहा कि अगर अनियमितता से एक भी व्यक्ति को फायदा पहुंचा है तो पूरी परीक्षा की पवित्रता ही खत्म हो जाएगी।