फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   The Prime Minister's visit to Russia

आज रूस रवाना होंगे मोदी, नेताजी की फाइलों पर हो सकती है बात

Wed, 23 Dec 2015 08:14 AM IST
Updated Wed, 23 Dec 2015 08:14 AM IST
विज्ञापन
The Prime Minister's visit to Russia

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को दो दिन की रूस यात्रा पर रवाना होंगे। वहां वह रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ वार्षिक सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। मोदी की इस यात्रा का लक्ष्य दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को बढ़ाना है। इसमें भी परमाणु ऊर्जा, हाइड्रोकार्बन, रक्षा और ऊर्जा पर अधिक ध्यान रहेगा।

विज्ञापन


दोनों देशों के बीच 2000 के बाद से ही उच्च स्तर पर नई दिल्ली तथा मास्को में क्रमानुसार वार्ता होती रही है। मोदी इसी कड़ी में इस बार रूस जा रहे हैं। माना जा रहा है कि दोनों शीर्ष नेताओं के बीच बातचीत के बाद बृहस्पतिवार को कई करार हो सकते हैं। विदेश सचिव एस जयशंकर को भी कुछ ऐसी ही उम्मीद है।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि हम कई क्षेत्रों में समझौते की उम्मीद कर रहे हैं। इनमें से कुछ को अंतिम रूप दिया जा रहा है। दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार को अगले 10 वर्ष में 30 अरब डॉलर करना चाहते हैं। अभी यह महज 10 अरब डॉलर है। इसलिए दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को बढ़ाना सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


द्विपक्षीय मामलों के अलावा मोदी और पुतिन सीरिया तथा आतंकवाद जैसे कई वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा कर सकते हैं। विदेश सचिव ने बताया कि भारत हीरा व्यापार और एग्रो बिजनेस में सहयोग बढ़ाने के साथ रूस के तेल और कोयला सेक्टर में साझेदारी की तरफ भी देख रहा है। भारत यूरेशियन इकोनॉमिक जोन में फ्री ट्रेड एग्रीमेंट की बात भी आगे बढ़ा सकता है।

नेताजी की फाइलों पर हो सकती है बात

The Prime Minister's visit to Russia

पीएम मोदी की इस यात्रा पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस के परिजनों की भी नजर है। उन्होंने पहले ही प्रधानमंत्री से मुलाकात कर रूस की खुफिया एजेंसी केजीबी के पास रखी नेताजी से जुड़ी गोपनीय फाइलों को सार्वजनिक करने और विमान दुर्घटना के बाद नेताजी के रूस में होने जैसी चर्चाओं का सच सामने लाने की अपील की है।

माना जा रहा है कि पीएम मोदी रूसी राष्ट्रपति से इस संदर्भ में भी बातचीत कर सकते हैं। वैसे जयशंकर ने बताया कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की हालिया रूस यात्रा के दौरान नेताजी से जुड़ी जानकारी साझा करने का मामला हल हो गया था।

दोनों देशों को एक-दूसरे पर भरोसा
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की दावेदारी को क्या रूस का मजबूत समर्थन मिलेगा, इस सवाल पर विदेश सचिव ने कहा कि दोनों देशों को एक-दूसरे पर पूरा भरोसा और विश्वास है। हमें रूस के वादे पर संदेह नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed