अभी और रुलाएगी प्याज, जान लीजिए कब मिलेगी राहत
प्याज के भाव अभी आपको और रुला सकते हैं। अगले 10-15 दिनों तक प्याज के दाम में गिरावट के आसार नहीं हैं। उल्टा इस दौरान प्याज के दाम में बढ़ोतरी हो सकती है।
कीमतों में बढ़ोतरी की मुख्य वजह प्याज की आवक में कमी है। कृषि उपज विपणन समिति (एपीएमसी) के मुताबिक दिल्ली की मंडियों में पिछले साल के मुकाबले प्याज की आवक में लगभग 40 फीसदी की कमी है।
इन दिनों दिल्ली की मंडियों में नए प्याज कर्नाटक व महाराष्ट्र से आ रहे हैं तो मध्य प्रदेश, राजस्थान व गुजरात से पुराने प्याज आ रहे हैं। नए प्याज की अधिकतर आपूर्ति महाराष्ट्र से हो रही है।
एपीएमसी की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल अगस्त माह के तीसरे सप्ताह (16-23 अगस्त) में दिल्ली की मंडियों में प्याज की आपूर्ति 7649 टन थी जबकि इस साल अगस्त के तीसरे सप्ताह में 16-18 अगस्त के बीच प्याज की कुल आवक 1488 टन रही।
अगले तीन दिनों में इतने ही प्याज की और आवक की संभावना है। एपीएमसी की रिपोर्ट के मुताबिक प्याज की थोक कीमत दिल्ली की मंडियों में पिछले साल के मुकाबले लगभग 55 फीसदी अधिक है।
आयात तो किया, लेकिन फायदा नहीं मिला
आजादपुर मंडी में प्याज के थोक कारोबारी राजेंद्र शर्मा के मुताबिक नए प्याज आने लगे हैं। नई फसल भी ठीक है, लेकिन कर्नाटक व महाराष्ट्र में ही अभी प्याज की कीमत अधिक चल रही है।
मंगलवार को प्याज की थोक कीमत 27-50 रुपये किलोग्राम रही। प्याज के थोक विक्रेताओं के मुताबिक अगले 10-15 दिनों तक प्याज के दाम में राहत मिलने की उम्मीद कम है।
उल्टा इसकी कीमत और बढ़ सकती है क्योंकि कर्नाटक व महाराष्ट्र केव्यापारी प्याज के दाम से संतुष्ट नहीं है। पिछले दिनों पंजाब की मंडियों में पाकिस्तान के प्याज की आवक हुई थी। लेकिन पाकिस्तान के प्याज की गुणवत्ता से लोग संतुष्ट नहीं थे।
हालांकि पाकिस्तान के प्याज की कीमत कम थी। प्याज के दाम कम करने के लिए केंद्र सरकार ने आयात का फैसला किया था, लेकिन अभी सरकार के आयातित प्याज को बाजार में आने में सितंबर खत्म हो जाएगा।
राजस्थान में आंसू ला रहा है प्याज
जयपुर में भी प्याज 60 से 70 रुपए किलो बिक रहा है। पिछले सप्ताह इसके 80 रुपए प्रति किलो तक दाम पहुंच गए थे। जमाखोर प्याज के भंडारण से दामों में तेजी लाने के प्रयास कर रहे हैं। हालांकि सरकार ने अभी तक इन पर लगाम कसने के कोई इंतजाम नहीं किए हैं।
दूसरा पहलू यह है कि राजस्थान में प्याज की फसल बुवाई के बाद आई बेमौसम बारिश व ओलों के कारण फसल प्रभावित हुई थी। प्याज की गुणवत्ता भी घट गई।
उमस भरे मौसम में प्याज को अधिक दिनों तक भंडार कर नहीं रखा जा सकता है। वैसे अगले सप्ताह तक प्याज के दामों में बीस रुपए तक की गिरावट आ सकती है।