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कश्मीर में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी का नया गेम

Sat, 20 Jun 2015 09:30 AM IST
Updated Sat, 20 Jun 2015 09:30 AM IST
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the new game plan of Pakistani inteligence agency's in kashmir

जम्मू-कश्मीर में पीडीपी-भाजपा सरकार गठन के बाद नए गेम प्लैन पर काम कर रही पाकिस्तान की करतूतों से धीरे धीरे पर्दा उठ रहा है। घाटी में कमजोर पड़ रहे अलगाववादियों को हत्या का डर दिखा कर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई विभिन्न गुटों पर अपने एजेंडे के मुताबिक विलय का दबाव डाल रहा है।

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भारतीय खुफिया एजेंसी को मिली जानकारी के मुताबिक आईएसआई ऑल पार्टी हुर्रियत कांफ्रेंस (एपीएचसी) के मीर वाईज उमर फारुक को कट्टरवादी सैयद अली शाह गिलानी गुट के साथ काम करने पर मजबूर कर रहा है।
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कश्मीर मामले से जुड़े सुरक्षा एजेंसी के उच्चपदस्थ अधिकारी ने अमर उजाला को बताया कि आईएसआई मीर वाईज उमर के गुट में अब्दुल गनी बट, बिलाल लोन और मौलवी अब्बास अंसारी जैसे अलगाववादियों के प्रभाव से बुरी तरह नाराज है।
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नए गेम प्लैन पर काम कर रहा पाक

the new game plan of Pakistani inteligence agency's in kashmir

आईएसआई का मानना है कि इन नेताओं का झुकाव भारत की तरफ ज्यादा है। यही वजह है कि पाकिस्तान के कश्मीर नीतिकार उमर को गिलानी गुट के साथ काम करने की सलाह दे रहे हैं।

सैयद अली शाह गिलानी घोषित रुप से पाकिस्तान समर्थक हैं और अपनी राजनीति में कट्टर माने जाते हैं। अधिकारी के मुताबिक यही वजह है कि अब्दुल गनी बट की हत्या की आशंका से उनकी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। इसी तरह अन्य अलगाववादी नेताओं की सुरक्षा बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है।

अधिकारी के मुताबिक आईएसआई की मजबूरी यह है कि मीर वाईज उमर कश्मीर अलगाववादियों में एकमात्रा ऐसा चेहरा है अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचाना जाता है।

खुफिया एजेंसियों को मिली जानकारी

the new game plan of Pakistani inteligence agency's in kashmir

गिलानी अपनी कट्टर पाक समर्थित विचारधारा के बावजूद कश्मीर की अंतरराष्ट्रीय राजनीति में कोई जगह नहीं बना पाए हैं। लिहाजा आईएसआई के लिए जरुरी है कि मीर वाईज उमर को कश्मीर एजेंडे की मुख्य धारा में रखे।

खुफिया एजेंसियों को यह जानकारी भी मिली है कि पिछले कुछ दिनों में छह लोगों की हत्या का उद्देश्य बड़े अलगाववादी नेताओं को संदेश देना है। जांच के मुताबिक मारे गए लोग वह हैं जो पहले आतंकवादी या अलगाववादी गुट के साथ थे।

अब आईएसआई उन्हें भारतीय एजेंसियों का आदमी समझ रहा है। एजेंसियां इन हत्याओं के पीछे आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन का हाथ देख रही है।

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