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यूपीः चलती बस में खौफनाक वारदात को दिया अंजाम

Sat, 25 Apr 2015 03:03 PM IST
Updated Sat, 25 Apr 2015 03:03 PM IST
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The killing of the young man in a moving bus

बहन की हत्या के मामले में बिजनौर जजी से पैरवी कर लौट रहे युवक की दो युवकों ने चलती बस में गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के वक्त बस में करीब 25 यात्री सवार थे। घटना को अंजाम देने के बाद कातिल चलती बस से कूदकर फरार हो गए।

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बढ़ापुर के गांव भगवानपुर निवासी वहाजुद्दीन (35) पुत्र अब्दुल अजीज शुक्रवार को बहन गुलिस्ता मर्डर केस की पैरवी करने के लिए बिजनौर जजी आया था। बिजनौर से वह धामपुर डिपो की अनुबंधित बस में घर जाने के लिए सवार हुआ। वहाजुद्दीन बस में अगले गेट के पास परिचालक से अगली वाली सीट पर अकेला बैठा था।
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गांव रोशनपुर प्रताप के पास वहाजुद्दीन से दूसरी ओर बस में बैठे दो युवक उठे और उन्होंने परिचालक राजीव सक्सेना की कनपटी पर तमंचा रख दिया। राजीव सक्सेना इससे पहले कुछ समझ पाता, दूसरे युवक ने तमंचा वहाजुद्दीन की कनपटी पर सटाकर फायर कर दिया। गोली लगने से वहाजुद्दीन बस की सीट पर ही अचेत हो गया।
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चलती बस में गोली चलने से यात्रियों में हड़कंप मच गया। परिचालक की कनपटी पर तमंचा सटाने वाले युवक ने भी वहाजुद्दीन की कनपटी पर तमंचा सटाकर दूसरी गोली चला दी। दो गोली लगने से वहाजुद्दीन की मौके पर ही मौत हो गई। इस बीच चालक ने बस की स्पीड थोड़ी कम की तो दोनों कातिल बस से कूदकर फरार हो गए।

पुलिस को बहन के ससुरालियों पर शक

The killing of the young man in a moving bus

जेब से मिले कागजात के आधार पर युवक की शिनाख्त कर उसके परिजनों और पुलिस को सूचित किया गया। एसपी हरिनारायण सिंह, एसपी देहात राधेश्याम, सीओ नगीना गमलेश्वर विल्टोरिया मौके पर पहुंचे और बस में सवार यात्रियों से पूछताछ की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है।

वहाजुद्दीन दुष्कर्म के मामले में जेल रहकर आया था। कुछ दिनों पहले ही वह जमानत पर जेल से छूटा था। पड़ोसियों के मुताबिक वहाजुद्दीन की बहन गुलिस्तां की करीब चार साल पूर्व हत्या कर दी गई थी। इस मामले में उसका बहनोई जेल में बंद है। वहाजुद्दीन इस मामले की पैरवी कर रहा था।

पड़ोसियों के मुताबिक गुलिस्तां के पति और परिजनों द्वारा वहाजुद्दीन पर फैसले का दबाव बनाया जा रहा था। वहाजुद्दीन के तीन भाई पूना में रहते हैं। पुलिस शक जता रही है कि कहीं सुपारी देकर गुलिस्तां के ससुराल वालों ने वहाजुद्दीन का मर्डर कराया।

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