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बर्बाद फसल ने ली पति-पत्नी की जान, ये पढ़कर रो पड़ेंगे आप

Wed, 22 Apr 2015 10:56 AM IST
Updated Wed, 22 Apr 2015 10:56 AM IST
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The husband-wife farmer suicides in bareilly

बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि की वजह से छह बीघा खेत में सिर्फ तीन कट्टा (डेढ़ क्विंटल) की पैदावार होने के सदमे में काशीपुर गांव के 45 वर्षीय किसान हंसगिरि ने मिट्टी का तेल डालकर खुद को आग लगा ली। पति को बचाने की कोशिश में उनकी पत्नी पुष्पा देवी भी गंभीर रूप से झुलस गईं।

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आग से झुलसे किसान ने सोमवार रात में ही जिला अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया जबकि पत्नी की मंगलवार की सुबह एसआरएमएस के गेट पर सांसें थम गईं। दंपति की मौत से चार बच्चे अनाथ हो गए हैं। पूरे गांव में मातम का माहौल है, पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिवार वालों को सुपुर्द कर दिया है।
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हंस गिरि पुत्र पूरन गिरि के पास अपनी सवा दो बीघा जमीन है। उन्होंने साढ़े छह बीघा जमीन गांव के ही सुरेश गिरि से एक क्विंटल छमाही की दर पर ठेके पर ले ली थी। इसमें से छह बीघा जमीन में हंस ने गेहूं बोया था। आधा बीघा में भैंस के लिए बरसीम बोई।
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सोमवार को छह बीघा जमीन के गेहूं कटवाने के बाद थ्रेसिंग कराई तो उसमें सिर्फ तीन कट्टा यानी डेढ़ क्विंटल ही गेहूं निकला। वह फसल पर पहले ही कर्ज ले चुका था। इतने कम अनाज में क्या खेत मालिक को देगा, चार नाबालिग बच्चों का पालन-पोषण कैसे होगा, यह सोचकर वह विचलित हो गया।

झुलसे दंपति के इलाज के लिए गांव वालों ने किया चंदा

The husband-wife farmer suicides in bareilly

वह बेटी के हाथ भी पीले करना चाहता था। फसल की बर्बादी से उसकी सभी उम्मीदें टूट गईं। इसी सदमे में हंस गिरि ने सोमवार रात करीब साढ़े नौ बजे कमरे में जाकर शरीर पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा ली। पति को आग में जलता देख पुष्पा देवी उसकी तरफ दौड़ी तो तेल की कट्टी गिर पड़ी।

उममें जो तेल बचा था, वह पुष्पा देवी के कपड़ों पर आ गिरा। पति के साथ आग ने पुष्पा को भी चपेट में ले लिया। बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़े चले आए और उन्होंने किसी तरह दंपति के शरीर में लगी आग बुझाकर देर रात 108  नंबर पर सूचना देकर समाजवादी एंबुलेंस बुला ली।

आग से गंभीर रूप से झुलसे दंपति रात करीब सवा ग्यारह बजे जिला अस्पताल लाए गए। यहां हंसगिरि की मौत हो गई। हालत नाजुक होने पर जिला अस्पताल से पुष्पा देवी को हायर सेंटर के लिए रिफर कर दिया गया। परिवार वाले पुष्पा देवी को मिशन अस्पताल ले गए।

वहां से भी डॉक्टरों ने हालत नाजुक बताकर रिफर कर दिया। परिवार वालों के पास बाहर ले जाने के लिए रुपये नहीं थे और डॉक्टरों ने पुष्पा की जान खतरे में बताई। उस वक्त गांव वाले पुष्पादेवी को घर ले गए और फिर चंदा कर रुपये इकट्ठे किए।

हादसे के बाद पूरे गांव में मातम छाया

The husband-wife farmer suicides in bareilly

इसके बाद परिवार के लोग सुबह करीब छह बजे पुष्पा को लेकर इलाज के लिए एसआरएमएस के गेट पर भी पहुंचे थे कि उसकी मौत हो गई। दंपति की मौत से पूरे गांव में मातम छाया हुआ है। सीओ मीरगंज कालू सिंह ने बताया कि वह एसडीएम कुंवर पंकज के साथ घटनास्थल का मुआयना करने गए थे।

गेंहू की फसल बर्बाद होने के गम में किसान ने आत्मदाह किया है। बचाने के चक्कर में उसकी पत्नी भी झुलसकर मर गई। किसान के परिवार की मदद के लिए कोशिश की जा रही है।

..और डीएम बोले
किसान ने किन परिस्थितियों में आत्महत्या  की, इस मामले की जांच कराई जा रही है। जांच के बाद ही आर्थिक सहायता के लिए कोई फैसला लिया जाएगा’गौरव दयाल, जिलाधिकारी

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