फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   The government was fault

किताब पर बैन लगा राजीव सरकार ने की थी गलती

Sun, 29 Nov 2015 05:31 AM IST
Updated Sun, 29 Nov 2015 05:31 AM IST
विज्ञापन
The government was fault

पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने मशहूर लेखक सलमान रुश्दी के विवादित उपन्यास ‘द सैटेनिक वर्सेस’ पर प्रतिबंध लगाए जाने के 27 साल बाद कहा है कि यह राजीव सरकार की गलती थी। चिदंबरम उस समय 1986-89 के दौरान राजीव सरकार में गृह राज्य मंत्री थे। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि इंदिरा गांधी ने इमरजेंसी लगाए जाने पर 1980 में गलती स्वीकार की थी।

विज्ञापन


लिटफेस्ट के दौरान चिदंबरम ने कहा, ‘मुझे यह कहते हुए कोई झिझक नहीं है कि 1988 में सलमान रुश्दी की किताब पर प्रतिबंध लगाना गलत था।  जब उनसे यह पूछा गया कि उन्होंने इस निष्कर्ष पर पहुंचने में इतना समय क्यों लिया तो उन्होंने कहा, ‘यदि आप मुझसे 20 साल पहले भी पूछते तो मैं यही कहता।’
विज्ञापन


इंदिरा गांधी की ओर से थोपी गई इमरजेंसी को गलत ठहराने के सवाल पर चिदंबरम ने कहा, ‘इंदिरा गांधी ने स्वयं 1980 में यह स्वीकार किया था कि इमरजेंसी गलत थी और यदि वह दुबारा सत्ता में आती हैं तो वह कभी इमजेंसी नहीं लगाएंगी। लोगों ने उन पर विश्वास किया और उन्हें दुबारा सत्ता के लिए चुना।’

विज्ञापन
विज्ञापन

कहा, 1980 में इंदिरा गांधी ने इमरजेंसी पर स्वीकार की थी गलती

The government was fault

देश में कथित रूप से बढ़ती असहिष्णुता के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘यह बढ़ रहा है और आशा जताई कि यह ‘नैतिक बहुसंख्यकवाद’ व्यापक रूप से असफल होगा।’

उन्होंने कहा कि मेरे लिए गहरी चिंता का विषय है कि असहिष्णुता में स्पष्ट रूप से बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने कहा कि खाप पंचायतें आज गैरकानूनी न्याय करती हुई नजर आ रही है।

चिदंबरम ने कहा, ‘मेरा दृढ़ विश्वास है कि संविधान अनुदार चुनौतियों से निपटने में सबसे अधिक शक्तिशाली है। संविधान के प्रावधानों को लागू करने से इन अनुदार प्रवृतियों पर नकेल कसी जा सकती है। यदि कानून संविधान की भावना के अनुरूप बनाए जाएं तो स्वतंत्रता की वास्तव में रक्षा की जा सकती है।’

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed