भूमि बिल पर रिकॉर्ड बनाने की तैयारी में मोदी सरकार
केंद्र सरकार भूमि अधिग्रहण बिल पर रिकॉर्ड पांचवीं बार नए सिरे से अध्यादेश जारी कर सकती है। बिल पर मौजूदा अध्यादेश की समय सीमा 31 अगस्त को खत्म हो रही है।
ऐसे में सरकार को नए सिरे से एक बार फिर अध्यादेश जारी करना होगा। संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू ने अध्यादेश जारी करने का साफ संकेत देते हुए कहा कि ऐसा नहीं किए जाने पर जिनकी जमीन अधिग्रहीत की गई है, उन्हें काफी नुकसान होगा।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सरकार फिलहाल इसके सभी पहलुओं का अध्ययन कर रही है। बिल पर गठित दोनों सदनों की संयुक्त कमेटी ने रिपोर्ट पेश करने के लिए शीतकालीन सत्र तक का समय लिया है।
संसदीय मामलों के मंत्री वेंकैया नायडू ने दिए संकेत
नायडू ने फिर से अध्यादेश जारी करने का संकेत देते हुए कहा कि अध्यादेश जारी करने के बाद कई परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहीत की गई है।
अगर अध्यादेश जारी नहीं किया गया तो उन लोगों को बड़ा नुकसान होगा जिनकी जमीन इन परियोजनाओं के लिए अधिग्रहीत की गई है। ऐसे लोगों को न केवल कम मुआवजा मिलेगा, बल्कि जमीन के एवज में नौकरी की शर्त भी पूरी नहीं की जा सकेगी।
उधर सरकार के सूत्रों ने कहा कि नया अध्यादेश जारी करने का सैद्धांतिक तौर पर फैसला हो चुका है और अब केवल विस्तारित मानसून सत्र पर विपक्ष के रुख का इंतजार है।