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सरकार ने मणिपुर हमले के उग्रवादी संगठन का ये प्रस्ताव ठुकराया

Fri, 12 Jun 2015 11:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 12 Jun 2015 11:04 AM IST
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The government rejected the NSCN-IM proposal

भारत सरकार के साथ शांति वार्ता में शामिल उग्रवादी संगठन एनएससीएन (इसाक-मुइवा) के एनएससीएन-के के उग्रवादियों को खत्म करने में सहयोग करने के प्रस्ताव को सरकार ने ठुकरा दिया है। एनएससीएन-के उग्रवादियों ने ही मणिपुर में सेना पर घातक हमला किया था।

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एक शीर्ष सूत्र ने बताया कि एनएससीएन-आईएम ने एनएससीएन-के के उग्रवादियों को खत्म करने में सेना को सहयोग करने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन सरकार ने यह कहते हुए प्रस्ताव को खारिज कर दिया कि वह स्वयं नागा विद्रोहियों से निपटने में सक्षम है।
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1975 में हुई शिलांग संधि का किया था विरोध

The government rejected the NSCN-IM proposal

एनएससीएन-आईएम के दोनों प्रमुख नेता इसाक चिशी स्वू और थुइंगालेंग मुइवा एक समय एनएससीएन-के के प्रमुख एसएस खापलांग के करीबी दोस्त थे। इन तीनों ने नवंबर 1975 में हुई शिलांग संधि के विरोध में विद्रोह कर दिया था। इसके बाद इन तीनों ने मिलकर नेशनलिस्ट सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड (एनएससीएन) का गठन किया।

लेकिन तीनों में मतभेद पैदा हो गया और अप्रैल 1988 में खापलांग ने मुइवा पर जानलेवा हमले की कोशिश नाकाम होने के बाद एनएससीएन-के का गठन किया।

खापलांग वर्तमान में पूर्वोत्तर के पांच उग्रवादी संगठनों उल्फा, पीएलए, एनडीएफबी(एस) और एनएससीएन-के सहित मणिपुर के कुछ विद्रोहियों को मिलाकर बने यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ वेस्टर्न साउथ-ईस्ट एशिया का नेतृत्व कर रहा है।

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