पेंशन पाने वालों के लिए बड़े काम की खबर, जरूर पढ़ें
सेवानिवृत्ति के बाद अब किसी भी विभाग के कर्मचारियों को पहली पेंशन के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। पेंशन बनकर पहुंची या नहीं, की जानकारी के लिए बैंकों के चक्कर भी नहीं काटने होंगे। केंद्र सरकार ने पेंशन भुगतान का सरलीकरण कर दिया है।
कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के पहले वचन पत्र भरकर देना होगा। इसके साथ ही सेवानिवृत्ति के ही दिन अन्य देयकों के साथ पेंशन अदायगी आदेश की पेंशनभोगी वाली प्रति भी सौंप दी जाएगी। यदि किसी कर्मचारी को यह विकल्प स्वीकार्य नहीं है तो उसे लिखकर देना होगा।
कार्मिक मंत्रालय के आदेश को रेलवे ने भी जारी कर दिया है। अभी कर्मचारियों को पहली पेंशन के भुगतान में दो वजहों से देरी होती है। पहला, पेंशनभोगी द्वारा इस सूचना को प्राप्त होने में देरी कि पेंशन के कागजात बैंक में पहुंच गए हैं।
दूसरा, पेंशनभोगी की ओर से वचन पत्र प्रस्तुत करने के लिए बैंक पहुंचने में देरी करना। इसे दूर करने के लिए कार्मिक मंत्रालय ने तय किया है कि सेवानिवृत्ति से पहले फार्म-5 एवं अन्य दस्तावेजों के साथ विभागाध्यक्ष की ओर से कर्मचारी से जरूरी वचन पत्र लिया जा सकता है।
केन्द्र सरकार ने नियमों में किया सरलीकरण
लेखाधिकारी या सीपीएओ इस वचन पत्र को पेंशन वितरक बैंक को भेज देंगे। पेंशन दस्तावेजों के साथ इस वचन पत्र के मिलते ही बैंक पेंशनभोगी के खाते में पेंशन जमा कर देंगे।
सरकार ने यह भी तय किया है कि पेंशनभोगी को पहली पेंशन का भुगतान शुरू कराने के लिए बैंक जाने की जरूरत न पड़े। सो, यह सुनिश्चित होने के बाद कि लेखा कार्यालय ने पेंशन अदायगी आदेश की प्रति बैंक को भेज दी गई है, सेवानिवृत्ति के दिन ही अन्य देयकों के साथ पेंशन अदायगी आदेश के साथ पेंशनभोगी वाली कॉपी भी कर्मचारी को सौंप दी जाएगी।
कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय के आदेश के बाद कई केंद्रीय दफ्तरों में पुरानी व्यवस्था बदलने लगी है लेकिन रेलवे में अभी पुरानी प्रणाली ही कायम है। ऐसे में रेलवे बोर्ड ने भी पेंशनभोगियों को परेशानी से बचाने के लिए फौरन लागू करने का फैसला किया है।