फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   The former prime minister were all decisions on coal scam

कोयला घोटालाः राव ने कहा, मनमोहन ने लिए थे सभी फैसले

Wed, 01 Jul 2015 11:06 AM IST
Updated Wed, 01 Jul 2015 11:06 AM IST
विज्ञापन
The former prime minister were all decisions on coal scam

कोयला खदान आवंटन घोटाले में आरोपी पूर्व कोयला राज्य मंत्री दसारी नारायण राव ने मंगलवार को कहा कि खदानों के आवंटन के बारे में फैसले तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने लिए थे। सिंह के पास कोयला मंत्रालय का भी प्रभार था। राव झारखंड के अमरकोंडा मुर्गाडंगल कोयला खदान आवंटन घोटाले में आरोपी हैं।

विज्ञापन


दिल्ली के पटियाला हाउस अदालत में मामले की चल रही सुनवाई के बाद परिसर से बाहर राव ने कहा कि वह केवल राज्य मंत्री थे। कोयला खदानों के आवंटन को लेकर सभी शक्तियां कैबिनेट मंत्री के पास थी और तत्कालीन कोयला मंत्री मनमोहन सिंह थे। सभी फैसले तत्कालीन पीएम सिंह ने ही लिए।  
विज्ञापन

मधु कोड़ा के खिलाफ 14 जुलाई को तय होंगे आरोप

The former prime minister were all decisions on coal scam

पटियाला हाउस स्थित विशेष सीबीआई जज भरत पराशर ने कोयला खदान घोटाले में आरोप तय करने के लिए 14 जुलाई की तारीख तय की है। यह मामला झारखंड के राजहरा नॉर्थ में कोलकाता की कंपनी विनी आयरन व स्टील उद्योग लिमिटेड (वीआईएसयूएल) को कोयला खदान आवंटन से जुड़ा है।

इसमें पूर्व कोयला राज्यमंत्री दसारी नारायण राव व झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा समेत सात आरोपी हैं। मामले में पूर्व कोयला सचिव एचसी गुप्ता, झारखंड के मुख्य सचिव एके बसु, वीआईएसयूएल के निदेशक वैभव, तुल्सयान व कर्मचारी बसंत कुमार भट्टाचार्य, बिपिन बिहारी सिंह, सीए नवीन कुमार तुल्सयान, कोड़ा के करीबी विजय जोशी भी आरोपी हैं। इन सभी को जमानत मिल चुकी है।

जिंदल को पूरे दस्तावेज देने का निर्देश

The former prime minister were all decisions on coal scam

सीबीआई की विशेष अदालत ने झारखंड के अमरकोंडा मुर्गदंगल कोल ब्लॉक घोटाला मामले के जांच अधिकारी को कांग्रेस सांसद व उद्योगपति नवीन जिंदल सहित अन्य आरोपियों को आरोप पत्र से संबंधित दस्तावेज जल्द प्रदान करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई तय की गई है।

इससे पहले गत 1 जून को अदालत ने कारोबार के सिलसिले में जिंदल को 14 जून से 29 जून तक विदेश जाने की अनुमति दी है। विशेष न्यायाधीश के समक्ष पेश आरोपियों के अधिवक्ता ने तर्क रखा कि जो दस्तावेज उन्हें दिए थे, वे अधूरे हैं। इसके अलावा सीबीआई द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेज पढ़ने योग्य नहीं है।

आरापियों  की ओर से पेश वकील रमेश गुप्ता ने कहा कि उन्हें दस्तावेजों की जांच के लिए और समय दिया जाए। वहीं, सरकारी वकील वीके शर्मा ने कहा कि मामले में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा भी आरोपी हैं। जांच अधिकारी ने अदालत में बताया कि उन्होंने 10,398 पेज एक सीडी में डालकर आरोपियों को उपलब्ध करवाएं हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed