कोयला घोटालाः राव ने कहा, मनमोहन ने लिए थे सभी फैसले
कोयला खदान आवंटन घोटाले में आरोपी पूर्व कोयला राज्य मंत्री दसारी नारायण राव ने मंगलवार को कहा कि खदानों के आवंटन के बारे में फैसले तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने लिए थे। सिंह के पास कोयला मंत्रालय का भी प्रभार था। राव झारखंड के अमरकोंडा मुर्गाडंगल कोयला खदान आवंटन घोटाले में आरोपी हैं।
दिल्ली के पटियाला हाउस अदालत में मामले की चल रही सुनवाई के बाद परिसर से बाहर राव ने कहा कि वह केवल राज्य मंत्री थे। कोयला खदानों के आवंटन को लेकर सभी शक्तियां कैबिनेट मंत्री के पास थी और तत्कालीन कोयला मंत्री मनमोहन सिंह थे। सभी फैसले तत्कालीन पीएम सिंह ने ही लिए।
मधु कोड़ा के खिलाफ 14 जुलाई को तय होंगे आरोप
पटियाला हाउस स्थित विशेष सीबीआई जज भरत पराशर ने कोयला खदान घोटाले में आरोप तय करने के लिए 14 जुलाई की तारीख तय की है। यह मामला झारखंड के राजहरा नॉर्थ में कोलकाता की कंपनी विनी आयरन व स्टील उद्योग लिमिटेड (वीआईएसयूएल) को कोयला खदान आवंटन से जुड़ा है।
इसमें पूर्व कोयला राज्यमंत्री दसारी नारायण राव व झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा समेत सात आरोपी हैं। मामले में पूर्व कोयला सचिव एचसी गुप्ता, झारखंड के मुख्य सचिव एके बसु, वीआईएसयूएल के निदेशक वैभव, तुल्सयान व कर्मचारी बसंत कुमार भट्टाचार्य, बिपिन बिहारी सिंह, सीए नवीन कुमार तुल्सयान, कोड़ा के करीबी विजय जोशी भी आरोपी हैं। इन सभी को जमानत मिल चुकी है।
जिंदल को पूरे दस्तावेज देने का निर्देश
सीबीआई की विशेष अदालत ने झारखंड के अमरकोंडा मुर्गदंगल कोल ब्लॉक घोटाला मामले के जांच अधिकारी को कांग्रेस सांसद व उद्योगपति नवीन जिंदल सहित अन्य आरोपियों को आरोप पत्र से संबंधित दस्तावेज जल्द प्रदान करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई तय की गई है।
इससे पहले गत 1 जून को अदालत ने कारोबार के सिलसिले में जिंदल को 14 जून से 29 जून तक विदेश जाने की अनुमति दी है। विशेष न्यायाधीश के समक्ष पेश आरोपियों के अधिवक्ता ने तर्क रखा कि जो दस्तावेज उन्हें दिए थे, वे अधूरे हैं। इसके अलावा सीबीआई द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेज पढ़ने योग्य नहीं है।
आरापियों की ओर से पेश वकील रमेश गुप्ता ने कहा कि उन्हें दस्तावेजों की जांच के लिए और समय दिया जाए। वहीं, सरकारी वकील वीके शर्मा ने कहा कि मामले में झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा भी आरोपी हैं। जांच अधिकारी ने अदालत में बताया कि उन्होंने 10,398 पेज एक सीडी में डालकर आरोपियों को उपलब्ध करवाएं हैं।