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पहले बारिश की मार, अब मंडी में घाटा
कुरुक्षेत्र
Updated Tue, 17 Sep 2013 12:24 AM IST
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कुरुक्षेत्र की बाबैन अनाज मंडी में धान की आवक जोरों पर शुरू होने के बावजूद सरकारी खरीद शुरू नहीं हो पाई है। इससे किसानों और व्यापारियों में काफी रोष है। सरकारी खरीद शुरू नहीं होने के कारण किसानों को धान को औने-पौने दामों बेचने को मजबूर होना पड़ा रहा है। इससे उन्हें काफी घाटा उठाना पड़ रहा है।
किसान सतबीर रामपुरा, बाबा गुरचरण सिंह, गोल्डी महुवाखेड़ी, श्याम सिह घिसरपड़ी, बलकार सिंह, कृष्ण कुमार, सुभाष कसीथल, नसीब राठी, बलवान सिंह आदि का कहना है कि कुछ दिन पहले वर्षा होने के कारण उनकी धान की फसल गिर गई थी, जिससे काफी नुकसान हुआ था।
धान की फसल तब पकने को तैयार थी, इसलिए उसके गिरने से उत्पादन में काफी गिरावट आई है। इस कारण किसानों को धान के प्रति चिंता सताने लगी है। बिना मौसम की बरसात ने किसानों की नींद उड़ा दी है।
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वहीं मंडी प्रधान लाथ सिंह अटांल, सचिव रणधीर सिंह, कीमती लाल, कृष्ण लाल, सुखश्याम, रमेश शर्मा, मनदीप सिंह, जसविंद्र, जगमाल सिंह, गुरनाम सिंह, सरदार दविंद्र सिंह, लाथ सिंह घिसरपड़ी, तरसेम सिंह, लछमन सैनी, बलिहार सिंह, संजय मित्तल, नायब सिंह पटाक माजरा, शमशेर मलिक, पवन सिंगला का कहना है कि जिस तरह धान की फसल मंडी में जोरों पर पहुंच रही है उसे देखते हुए आगामी 1 अक्तूबर तक सरकारी खरीद शुरू होने तक किसानों की आधी से अधिक फसल मंडियों में बिक जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों व व्यापारियों के हितों को देखते हुए तुरंत प्रभाव से सरकारी खरीद शुरू करवाई जानी चाहिए।
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किसान सतबीर रामपुरा, बाबा गुरचरण सिंह, गोल्डी महुवाखेड़ी, श्याम सिह घिसरपड़ी, बलकार सिंह, कृष्ण कुमार, सुभाष कसीथल, नसीब राठी, बलवान सिंह आदि का कहना है कि कुछ दिन पहले वर्षा होने के कारण उनकी धान की फसल गिर गई थी, जिससे काफी नुकसान हुआ था।
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धान की फसल तब पकने को तैयार थी, इसलिए उसके गिरने से उत्पादन में काफी गिरावट आई है। इस कारण किसानों को धान के प्रति चिंता सताने लगी है। बिना मौसम की बरसात ने किसानों की नींद उड़ा दी है।
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वहीं मंडी प्रधान लाथ सिंह अटांल, सचिव रणधीर सिंह, कीमती लाल, कृष्ण लाल, सुखश्याम, रमेश शर्मा, मनदीप सिंह, जसविंद्र, जगमाल सिंह, गुरनाम सिंह, सरदार दविंद्र सिंह, लाथ सिंह घिसरपड़ी, तरसेम सिंह, लछमन सैनी, बलिहार सिंह, संजय मित्तल, नायब सिंह पटाक माजरा, शमशेर मलिक, पवन सिंगला का कहना है कि जिस तरह धान की फसल मंडी में जोरों पर पहुंच रही है उसे देखते हुए आगामी 1 अक्तूबर तक सरकारी खरीद शुरू होने तक किसानों की आधी से अधिक फसल मंडियों में बिक जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों व व्यापारियों के हितों को देखते हुए तुरंत प्रभाव से सरकारी खरीद शुरू करवाई जानी चाहिए।