बिहार फतह के लिए मोदी ने उठाया बड़ा कदम
बिहार में विकास के नारे को और प्रभावशाली बनाने के लिए केंद्र ने राज्य में बडे़ निवेश का खाका तैयार कर लिया है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र प्रधान ने रविवार को कहा कि बिहार को केंद्र सरकार 25000 करोड़ से अधिक की सौगात देने जा रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद अप्रैल-मई तक बिहार में निवेश कार्यक्त्रस्मों का शिलान्यास करेंगे। यह निवेश आने वाले 5-6 साल में होगा। इस निवेश से राज्य में पेट्रोकेमिकल्स कांपलेक्स, रिफाइनरी का विस्तार, एलपीजी पाइपलाइन और छोटे-छोटे पेट्रोकेमिकल्स कांपलेक्स की स्थापना की जाएगी।
प्रधान बरौनी रिफाइनरी के पचास साल पूरे होने पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। बरौनी रिफाइनरी को देश की शान बताते हुए प्रधान ने कहा कि बरौनी को एक पेट्रोकेमिकल कांपलेक्स के तौर पर विकसित करने की योजना है। उन्होंने कहा कि केंद्र ने इसके क्षमता विस्तार के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है।
इसकी क्षमता छह मिलियन टन से बढ़ाकर नौ मिलियन टन की जायेगी। उल्लेखनीय है कि बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह के कार्यकाल में बरौनी में इंडियन ऑयल की रिफाइनरी की स्थापना हुई थी।
पेट्रोकेमिकल कांपलेक्स के तौर पर विकसित होगी बरौनी
प्रधान ने कहा कि बिहार में एलपीजी व पेट्रो उत्पादों की किल्लत को दूर करने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए राज्य के तीन शहरों में एलपीजी बॉटलिंग प्लाट लगाने का फैसला लिया गया है। रसोई गैस की उपलब्धता बढ़ाने के लिए दुर्गापुर, बरौनी, पटना और मुजफ्फरपुर में अलग से एलपीजी पाइपलाइन बिछाई जाएगी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बिहार (मोतिहारी) से नेपाल तक बरौनी रिफाइनरी की तेल पाइपलाइन बिछाई जायेगी। गोपालगंज में एक तेल डिपो का निर्माण करने की भी मंजूरी दी गई है। वर्षों से बंद पड़े फर्टिलाइजर कारखाने को पुनर्जीवित करने का ब्लूप्रिंट भी तैयार कर लिया गया है।
इसे प्राकृतिक गैस की आपूर्ति जगदीशपुर-हल्दिया पाइपलाइन से की जाएगी। केंद्रीय उर्वरक रसायन मंत्री अनंत कुमार इसकी समीक्षा के लिए शीघ्र बिहार आएंगे। प्रधान ने कहा कि हल्दिया से जगदीशपुर के बीच गैस पाइपलाइन बिछाने का काम जारी है। इसमें तेजी लाने के लिए गैस अथारिटी ऑफ इंडिया (गेल) का एक कार्यालय पटना में जल्द खोला जाएगा।