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नेताजी ने की थी दूसरी शादी, गोपनीय फाइलों से हुआ खुलासा

Wed, 23 Sep 2015 04:04 PM IST
Updated Wed, 23 Sep 2015 04:04 PM IST
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The big reveal about Netaji

पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से जारी गोपनीय फाइलों में छिपी सूचनाओं ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के वैवाहिक जीवन पर भी सवाल खडे़ कर दिए हैं।

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इससे जहां एमिली से उनकी शादी की तारीख पर सवाल उठने लगे हैं, वहीं इस बात के भी संकेत मिले हैं कि नेताजी ने चेक मूल की एक महिला से दूसरी शादी भी की थी और उससे उनको नीमा नामक एक पुत्री भी पैदा हुई थी।
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लेकिन नेताजी के परिजनों ने इसका खंडन किया है।नेताजी के परिजन और तृणमूल कांग्रेस सांसद डॉ. सुगत बसु ने अपनी पुस्तक में नेताजी और एमिली की गोपनीय शादी का समय 1937 बताया है, लेकिन गोपनीय फाइलों में रखी एक खुफिया रिपोर्ट में कहा गया है कि नेताजी ने उनसे 1942 में शादी की थी।
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न्यायमूर्ति मुखर्जी आयोग के समक्ष गवाह के तौर पर पेश जयंत चौधरी का दावा है कि चीन के लिए वीजा की खातिर अपने आवेदन में नेताजी ने खुद को अविवाहित बताया था। चौधरी के मुताबिक 1944 में नेताजी ने एमिली के साथ विवाह की खबरों का खंडन किया था।

गोपनीय फाइलों से हुआ खुलासा

The big reveal about Netaji

बंगाल सरकार की गोपनीय फाइलों में नेताजी की चेक महिला से दूसरी शादी का भी संकेत मिलता है। इतना ही नहीं, उस विवाह से उनको एक पुत्री भी हुई थी। यह शादी उन्होंने 1945 की विमान दुर्घटना के बाद की थी।

इससे साफ है कि उस हादसे में उनकी मौत नहीं हुई थी। नेताजी के भतीजे अरविंद बोस के हवाले से उस रिपोर्ट में कहा गया है कि नेताजी ने अपने यूरोप प्रवास के दौरान ही उस महिला से शादी की थी।

अरविंद बोस छात्रों के एक सम्मेलन के सिलसिले में 1947 में चेकोस्लोवाकिया की राजधानी प्राग गए थे। रिपोर्ट के मुताबिक वह वहां उसी महिला यानी नेताजी की दूसरी पत्नी के घर ठहरे थे, लेकिन नेताजी के परिजन सुगत बसु ने उनकी दूसरी शादी की खबरों को निराधार करार दिया है।

वैसे, प्राग स्थित भारतीय दूतावास का कहना है कि 1933 से 1938 के बीच नेताजी कई बार चेकोस्लोवाकिया के दौरे पर गए थे और इसी दौरान 1937 में उन्होंने एमिली से शादी की थी।

नेताजी ने 1934 में प्राग में इंडो-चेक एसोसएिशन की भी स्थापना की थी। ताजा खुलासे से साफ है कि गोपनीय फाइलों ने नेताजी के बारे में रहस्य सुलझाने की बजाय यह गुत्थी और उलझा दी है।

नेताजी की फाइलों को सार्वजनिक करे केंद्र: ममता

The big reveal about Netaji

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नेताजी की फाइलों के मुद्दे पर नरेंद्र मोदी सरकार पर दबाव बढ़ाते हुए मंगलवार को एक बार फिर कहा कि राज्य सरकार की तर्ज पर केंद्र सरकार को भी नेताजी से जुड़ी तमाम गोपनीय फाइलों को सार्वजनिक कर देना चाहिए।

उन्होंने इस बात पर खेद जताया कि स्वाधीनता आंदोलन में नेताजी के अहम योगदान का अब तक समुचित मूल्यांकन नहीं हो सका है।

ममता ने राज्य विधानसभा में कहा कि सरकार ने नेताजी से संबंधित 64 फाइलों को सार्वजनिक कर दिया है। अब तक नेताजी के अहम योगदान का सही मूल्यांकन नहीं किया गया है।

उन्होंने कहा कि अब बंगाल सरकार से सबक लेते हुए केंद्र को भी तमाम फाइलें सार्वजनिक कर देनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार 1937 से 1947 के बीच लिए केबिनेट के फैसलों से संबंधित फाइलों को भी डिजिटल तरीके से संरक्षित करेगी। मालूम हो कि सरकार ने नेताजी से संबंधित 64 फाइलों को बीते शुक्रवार को सार्वजनिक कर दिया था।

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