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18 महीनों से पति कोमा में, कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला

Wed, 13 Jan 2016 05:11 AM IST
Updated Wed, 13 Jan 2016 05:11 AM IST
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The big decision of court

मद्रास हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाते हुए कोमा से जूझ रहे शख्स की पत्नी को उसकी अचल संपत्तियों तथा बैंक खातों का गार्जियन नियुक्त कर दिया है।

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हालांकि अदालत ने भी माना है कि इस तरह का कोई प्रावधान मौजूद नहीं है और परिस्थितियों को देखते हुए याचिकाकर्ता की गुहार मंजूर की जा रही है।

मोहम्मद रफी पिछले 18 महीनों से कोमा में हैं। घरवाले उन्हें इलाज के लिए कई अस्पतालों में भर्ती करा चुके हैं। इस दौरान जब उनकी पत्नी सायराबानो के लिए इलाज का खर्च उठाना मुश्किल हो गया तो उन्होंने अदालत में याचिका दायर की।

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पत्नी कोमा में गए पति की संपत्ति की गार्जियन नियुक्त

The big decision of court

मामले पर सुनवाई करते हुए जस्टिस एमएम सुंदरेश ने कहा कि न ही मेंटल हेल्थ एक्ट और न ही गार्जियन एंड वार्ड्स एक्ट 1890 में इस तरह का कोई प्रावधान है लेकिन याचिकाकर्ता की जरूरत को देखते हुए वह उसे पति की संपत्ति का गार्जियन नियुक्त करते हैं।

कोर्ट के आदेश पर तहसीलदार ने सिविल सर्जन के साथ रफी के घर जाकर उनके स्वास्थ्य की भी जांच की थी। इसमें सामने आया था वह खुद से फैसले लेने तथा हस्ताक्षर करने में असमर्थ हैं।

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