यूपी: टीजीटी भर्ती परीक्षा के हजारों फॉर्म गायब
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की ओर से 2013 में घोषित टीजीटी भर्ती परीक्षा के हजारों फॉर्म डाक विभाग एवं चयन बोर्ड के बीच कहीं गुम हो गए हैं। चयन बोर्ड की ओर से जारी टीजीटी आवेदकों की सूची में अपना नाम नहीं पाकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी चयन बोर्ड के पास अपना प्रत्यावेदन लेकर पहुंचे। चयन बोर्ड के पास अभ्यर्थियों का कोई रिकार्ड नहीं मिलने पर उन्हें डाकघर एवं संबंधित बैंक से संपर्क करने को कहा गया।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की ओर से जारी टीजीटी आवेदन की स्थिति में अपना नाम नहीं पाकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शिकायत लेकर चयन बोर्ड पहुंचे। बोर्ड ने इन अभ्यर्थियों से डाक विभाग और उस बैंक से संपर्क करने को कहा जहां से बैंक ड्राफ्ट बनवाया है। अभ्यर्थियों से कहा गया कि वह पता करें कि उन्होंने जहां से बैंक ड्राफ्ट बनवाया था, वह चयन बोर्ड के खाते में जमा हुआ कि नहीं। इसके साथ डाक विभाग से स्थिति पता होने और पीजीटी आवेदन की स्थिति जानने के बाद चयन बोर्ड ने बैठक बुलाकर गुम आवेदन पत्रों के बारे में निर्णय लेने की बात कही है।
वित्तविहीन विद्यालयों को केन्द्र बनाने की सिफारिश
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की ओर से 25 जनवरी से शुरू हो रही टीजीटी-पीजीटी परीक्षा के लिए इलाहाबाद जिले में वित्तविहीन विद्यालयों को मनमाने तरीके से परीक्षा केन्द्र बनाने का मामला सामने आया है। इलाहाबाद जिले में 35 वित्तपोषित एवं 10 वित्तविहीन विद्यालयों को केन्द्र बनाया गया है। बोर्ड की ओर से 31 जनवरी को परीक्षा केन्द्र आवंटन प्रक्रिया शुरू होगी।
तीस कर्मचारियों पर 40 लाख अभ्यर्थियों की परीक्षा का जिम्मा
कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की परीक्षाओं में हाल के वर्षों में शामिल होने वालों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। पिछले दो वर्ष के आंकड़ों से तुलना की जाए तो इस अवधि में परीक्षार्थियों की संख्या दोगुनी पहुंच गई। परीक्षार्थियों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी के बाद भी एसएससी मध्य क्षेत्र में कर्मचारियों की संख्या नहीं बढ़ाए जाने से परेशानी बनी है। 40 लाख परीक्षार्थियों की जिम्मेदारी मात्र 30 कर्मचारी संभाल रहे हैं। कर्मचारियों की कमी के कारण आए दिन परीक्षा संबंधी जरूरत पूरी करने के लिए आयोग को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
एसएससी की प्रमुख परीक्षाओं में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों की संख्या की दृष्टि से देखा जाए तो संयुक्त हायर सेकेंडरी लेवल (सीएचएसएल) में 14 लाख, संयुक्त स्नातक लेवल (सीजीएल) सात लाख, एमटीएस में 10 लाख, एसआई सीपीओ में दो लाख, स्टेनोग्राफर परीक्षा में दो लाख परीक्षार्थी पहुंच गए हैं। आयोग के जिम्मे एक बार फिर से सिपाही भर्ती परीक्षा की जिम्मेदारी सौंपे जाने के बाद यह संख्या 40 लाख पार पहुंच जाएगी।
क्षेत्रीय निदेशक ने कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने के लिए केन्द्र सरकार के कार्मिक मंत्रालय एवं एसएससी मुख्यालय को पत्र लिखा है। एसएससी मध्य क्षेत्र के अंतर्गत उत्तर प्रदेश एवं बिहार राज्य आते हैं। इन क्षेत्रों से सबसे अधिक परीक्षार्थियों के निकलने से आए दिन आवेदन पत्र लेकर जुड़ी कई परेशानी आयोग के पास पहुंचती हैं। इन समस्याओं के निपटारे के लिए आयोग की ओर से कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने के साथ संसाधन बढ़ाने की मांग की गई है।