पाक-अफगान के 16 आतंकियों को सरकार ने भेजा वापस
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केंद्र सरकार इस साल 16 आंतकियों की सजा पूरी होने पर उन्हें उनके मुल्क वापस भेज चुकी है, जिसमें 9 पाकिस्तानी और 6 अफगानी आंतकी शामिल हैं। जम्मू कश्मीर पुलिस के सूत्रों के मुताबिक 9 पाक आतंकियों को बीते साल ही उन्हें उनके मुल्क भेजा जा चुका है।
डेली मेल के मुताबिक पुलिस सूत्रों ने उन्हें बताया कि हाल ही में जिन पाक आंतकियों मोहम्मद नावेद और सज्जाद अहमद को गिरफ्तार किया है वो दिनचर्या का हिस्सा है लेकिन वो एक अपवाद का भी हिस्सा है।
1990 से लेकर अब तक सैकड़ो की संख्या में पाक और अफगानी आंतकियों को इनकाउंटर में मार गिराया गया है जो जम्मू कश्मीर में घुसपैठ की कोशिश कर रहे थे। इसी तरह बड़ी संख्या में आतंकियों को कई ऑपरेशनों में गिरफ्तार किया गया है और जब उनका ट्रायल पूरा हो जाता है तो उन्हें उनके मुल्क वापस भेज दिया जाता है। (नावेद की फाइल फोटो)
कुछ नया नहीं!
नाम न बताने की शर्त पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि हाल ही के दो
मामलों में कुछ नया नहीं है, जिसे इस तरह से पेश किया जा रहा है कि आंतकी
पहली बार कश्मीर आ रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार जम्मू और कश्मीर के पुनर्वास
नीति के अंतर्गत नई दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच एक समझौता हुआ है कि जो
भी आंतकी कोर्ट द्वारा बरी कर दिया गया है अथवा कानून के मुताबिक जिसने
अपनी सजा पूरी कर ली है उसे उसके मुल्क वापस भेज देना होगा।
मोहम्मद मिखल,
वसीम भट, फक्र उल जमान, तनवीर अहमद, उन नौ पाकिस्तानियों में से हैं
जिन्हें इस साल उन्हें मुल्क भेजा जाएगा। मोहम्मद मिखल और वसीम भट के बारे
में पुलिस को इस बात की सूचना मिली को दो विदेशी आतंकी हथियारों के साथ
श्रीनगर में घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे हैं।
इसलिए नहीं छोड़ा गया
फिर सेना और पुलिस ने मिल कर
इन्हें गिरफ्तार किया जिनके लिट्टे सदस्य होने की आशंका जाहिर की गई।
लेकिन अभियोजन पक्ष इन दोनों के खिलाफ यह साबित नहीं कर पाया कि वे आर्म्स
एक्ट में दोषी हैं।
जिसके बाद ट्रायल कोर्ट ने उन्हें फॉरेनर्स एक्ट की
धारा 14 के तहत 4 साल के कैद की सजा सुनाई जबकि वो पहले से ही जेल में थे।
मानवाधिकार मामलों के वकील मीर सफाकत हुसैन ने कहा कि 'इनकी गिरफ्तारी असली
गिरफ्तारी की तारीख से दो साल बाद की दिखाई गई है।"
इस साल जुलाई में
हाईकोर्ट ने तनवीर अहमद को उसके मुल्क वापस भेजने का आदेश दिया था, जिसे
पुलिस के मुताबिक 2008 में गिरफ्तार किया गया था। तनवीर अपनी सजा पूरी कर
चुका था लेकिन पब्लिक सेफ्टी एक्ट (पीएसए)की वजह वो छोड़ा नहीं जा रहा था।
सरकार
ने कहा कि मौजूदा नीति के अनुसार तनवीर अपने प्रत्यर्पण तक पीएसए के अंतर्गत
ही रहेगा कुछ दिनों बाद हाईकोर्ट ने उसे डीपोर्ट करने का आदेश दे दिया।