भारत पर ड्रोन और ग्लाइडरों से हमले के फिराक में आतंकी
भारतीय खुफिया एजेंसियों ने सरकार को चेताया है कि आतंकवादी संगठन भारत पर ड्रोन और ग्लाइडरों का इस्तेमाल कर हमला करने की तैयारी कर रहे हैं। एजेंसियों का कहना है कि आतंकी संगठन ऐसे हमलों के लिए ड्रोन्स (यूएवी) और मानवरहित विमानों (यूएएस) का इस्तेमाल कर सकते हैं।
इस चेतावनी के मद्देनजर सरकार ने ऐसे हमलों से बचने के कुछ ठोस नियम बना रही है। एक खबर के मुताबिक सरकार ने यूएवी, यूएएस, पैराग्लाइडर, हॉट एयर बैलून, माइक्रोलाइट जैसे उड़ने वाले जीचों से निपटने के लिए जो नए नियम बनाए हैं उन्हें जल्द ही लागू किया जाएगा।
इस नए नियमों को बनाने के दौरान खुफिया एजेंसियों से लगातार लश्कर-ए-तैय्यबा जैसे आतंकी संगठनों से संभावित हमलों की जानकारियां सरकार से साझा करती रहेगी।
पूछताछ में भी खुलासा
खुफिया एजेंसियों से पैराग्लाइडर जैसे विमानों की विशेष रुप से जानकारियां देने को कहा है क्योंकि ये विमानों रडार पर नहीं आते। अभी हाल ही में 30 अगस्त को बलूचिस्तान के जेवानी इलाके में किए गए हमले को दौरान पाकिस्तानी सैनिकों ने लगभग 325 ऐसी हवाई पट्टियां देखीं जिसका इस्तेमाल ग्लाइडर लॉचिंग के लिए किया जा सकता है।
इस खबर के सामने आने के बाद भारतीय खुफिया एजेंसियां भी चौकंनी हो गई और उसने इस बात की आशंका जाहिर की कि आतंकवादी भारत-पाक सीमा पर विरान पड़े हवाई पट्टियों का इस्तेमाल कर सकते हैं। इतना ही नहीं लश्कर आतंकी सैय्यद जबीउद्दीन अंसारी इलियास, अबु जुंदाल इंडियन मुजाहिद्दीन के सैय्यद इस्माइल और खलिस्तानी मिलिटेंट जगतार सिंह तारा जैसे आतंकियों ने पूछताछ के दौरान कई बातों का खुलासा हुआ है।
इन आतंकियों ने पूछताछ के दौरान इस बात को कबूल किया है कि एलईटी ऐसे हवाई हमलों के लिए आतंकियों को ट्रेनिंग दे रही है। इतना ही नहीं इन आतंकियों को पैराग्लाइडिंग की भी ट्रेनिंग दी जा रही है।
आसानी से सामान उपलब्ध
एलईटी अपने मंसूबे को पूरा करने के लिए चीन और यूएई जैसे देशों की कंपनियों से पैराग्लाइडिंग खरीदने की भी कोशिश कर रहे हैं। बेंगलुरु से पकड़े गए आईएम के आतंकी इस्माइल ने इस बात का खुलासा किया कि उसने नवंबर 2013 में गोवा में पांच दिनों तक पैराग्लाइडिंग की ट्रेनिंग ली।
इसके दो महीने बाद ही उसने अमेरिका से दो पुराने पैराग्लाइडर भी खरीदे। जांच कर रही एजेंसियों ने पाया कि स्पेन में लाख पाकिस्तानी रुपये खर्च करने मोटर से चलने वाले पाराग्लाइडर की ट्रेनिंग ली जा रही थी, जो दो व्यक्तियों को साथ ले जाने में सक्षम है।
यह ग्लाइडर 150 किलो तक भार उठा सकता और करीब 70 किमी की दूरी तय कर सकता है। आतंकी तारा ने एजेंसियों की पूछताछ में इस बाद का खुलासा किया उसने गजेन्द्र सिंह नाम के किसी आदमी को पाकिस्तान में पैराग्लाइडिंग के सामान रिसीव करने को कहा था।