निशाने पर ओबामा का दौरा, हमले की आशंका
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पाकिस्तान में स्थित आतंकी संगठन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की भारत यात्रा से पहले देश में ‘बड़ा हमला’ करने की फिराक में हैं। इसी के चलते सीमा पर पाकिस्तान की ओर से लगातार फायरिंग की जा रही है ताकि इस आड़ में आतंकियों की जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ कराई जा सके।
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भी कहा है कि पाकिस्तान जम्मू व कश्मीर में आतंकियों का प्रवेश कराने की कोशिश कर रहा है और इसी वजह से सीमा पर फायरिंग हो रही है। इसमें कोई शक नहीं है।
खुफिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा समेत कुल आठ स्थानों पर आतंकी ‘बड़ा हमला’ करने की साजिश रच रहे हैं। हमें जानकारी मिली है कि इस काम में पाकिस्तानी सेना भी उनका साथ दे रही है।
जम्मू-कश्मीर के सांबा सेक्टर में सीमा पार कम से कम 40-50 आतंकी घुसपैठ के इंतजार में हैं। इसी सेक्टर में बीएसएफ और पाकिस्तानी रेंजर्स के बीच फायरिंग भी हो रही है।
खुफिया रिपोर्ट में हुआ खुलासा
मालूम हो कि बराक ओबामा 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह में भाग लेने के लिए भारत आ रहे हैं। बृहस्पतिवार को ही जम्मू व कश्मीर के सांबा सेक्टर में 13 भारतीय चौकियों पर पाकिस्तान ने फायरिंग की थी।
गृह मंत्री के मुताबिक पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर लगातार गोलीबारी की आड़ में घुसपैठ को बढ़ावा देने की कोशिश में है। उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा बल के जवान पाकिस्तान को उचित जवाब दे रहे हैं।
आक्रामक रुख बरकरार रखे भारत: शिवसेना
शिवसेना ने पाकिस्तान के संघर्ष विराम उल्लंघन पर हमला बोलते हुए कहा कि नई रक्षा नीति के तहत ऐसी घटनाओं को भारत हल्के में नहीं लेगा। पिछले कई सालों से पाकिस्तान भारतीय जवानों की हत्या के लिए जिम्मेदार है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।
केंद्र में एनडीए सरकार में सहयोगी शिवसेना ने कहा कि भारत सरकार के आक्रामक रुख से परेशान होकर पाकिस्तान को अपने रेंजर्स की मौत पर विरोध दर्ज कराना पड़ा है। पार्टी के मुखपत्र सामना के संपादकीय में कहा है कि भारत को अपना यह आक्रामक रुख बरकरार रखना चाहिए।