चुनावों में हो सकते हैं आतंकी हमले: पीएम

अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 23 Nov 2013 11:52 PM IST
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terrorists may attack during election says pm

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लश्कर सहित पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठनों की नापाक नजर देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने देश भर के पुलिस प्रमुखों को सचेत किया है कि आतंकवादी चल रहे विधानसभा और अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों में खलल डालने की कोशिश कर सकते हैं। लिहाजा सुरक्षा एजेंसियां ऐसे आतंकी हमलों को नाकाम करने के लिए तैयार रहें।
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खुफिया एजेंसी आईबी द्वारा आयोजित पुलिस महानिदेशकों और पुलिस संस्थाओं के प्रमुखों के तीन दिवसीय सम्मेलन में प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके पास ऐसी कोई नई बात बोलने के लिए नहीं है जो इस मंच पर पहले नहीं की जा चुकी हो। लेकिन उन्होंने भाषण में पुलिस और सुरक्षा तंत्र की धर्मनिरपेक्ष छवि पर सवाल खड़े होने की संभावना को जरूर रेखांकित किया।
मनमोहन ने कहा कि आतंक के मामले निबटाने के दौरान पुलिस बिना किसी पक्षपात और पूरी कर्तव्यनिष्ठा से काम करें। ताकि जनता जांच एजेंसियों के पेशेवर चरित्र और पुलिस व्यवस्था की धर्मनिरपेक्षता पर उंगली नहीं उठा सके।
मनमोहन सिंह ने हाल में गिरफ्तार आतंकियों से पूछताछ में खुलासे का जिक्र करते हुए कहा कि देश का दूर दराज इलाका आतंकी गितिविधियों का गढ़ बनता जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने आईबी को उसके 125 साल पूरा होने पर बधाई देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में हुए दंगे जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने सांप्रदायिक हिंसा भड़काने में सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल पर चिंता जताई।

उन्होंने कहा कि सुरक्षा तंत्र को इस बात के लिए सजग रहने की जरूरत है ताकि कोई भी स्थानीय व छोटी घटना बड़े वारदात का शक्ल नहीं अख्तियार करे। प्रधानमंत्री के मुताबिक देश में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पूरी व्यवस्था की जिम्मेदारी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पुलिस प्रमुख इस दिशा में सकारात्मक पहल कर रहे हैं।

मनमोहन सिंह ने जम्मू-कश्मीर के हालात को अभी भी चिंताजनक बताया है। उन्होंने कहा कि राज्य में पिछले दिनों आतंकियों ने अजीबोगरीब तरीके के हमले किए। इसके साथ ही नियंत्रण रेखा से आतंकी घुसपैठ की कोशिश लगातार जारी है। हालांकि उन्होंने संतोष जताया कि नक्सली इलाकों में हो रहे चुनावों में जनता ने ज्यादा वोट देकर नक्सलियों को करारा जवाब दिया है।

फेसबुक, ट्विटर को कानून के दायरे में लाने की तैयारी

प्रधानमंत्री से फेसबुक और ट्विटर जैसी सोशल नेटवर्किंग साइट्स को दुनिया के अन्य देशों की तरह भारतीय कानून के दायरे में लाने की सिफारिश की गई है।

आईबी के निदेशक आसिफ इब्राहिम ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि हाल की सांप्रदायिक हिंसा से पता चलता है कि इन वेबसाइटों का इस्तेमाल नफरत फैलाने के लिए किया गया, लेकिन देश की सुरक्षा एजेंसियों के हाथ तकनीकी और प्रक्रियागत लाचारी के कारण बंधे हुए हैं।

उन्होंने कहा कि इस मामले में देश में कानूनी ढांचा अभी बन रहा है। सरकार को यह सुझाव दिया गया है कि विदेशी सामग्री उपलब्ध कराने वाली इन साइटों को भारतीय कानून के दायरे में लाया जाए।
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