वाघा बॉर्डर पर पाक नहीं, भारत था निशाना
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वाघा बॉर्डर अटारी पर पाकिस्तान की तरफ हुए आत्मघाती धमाके को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक इस हमले का असली निशाना भारत था, लेकिन आतंकियों में आपसी तालमेल की कमी के चलते यह धमाका पाकिस्तान में ही हो गया।
इकॉनोमिक्स टाइम्स की खबर के मुताबिक आतंकियों ने आत्मघाती हमलावर को पाकिस्तान के पंजाब में पश्चिमी छोर की ओर धमाका करने का आदेश दिया था ताकि भारत से आने वाले सिख श्रद्धालुओं को निशाना बनाया जा सके। आतंकियों का मकसद दोनों देशों के बीच तनाव पैदा करना था।
बता दें कि सिखों के गुरू नानकदेव की जयंती पर सैकड़ों सिख श्रद्धालु अमृतसर से लाहौर (पाकिस्तान) के लिए जाते हैं। आतंकियों की योजना इन्हीं श्रद्धालुओं को निशाना बनाकर धमाका करने की थी, लेकिन हमलावर आतंकियों की बात पूरी तरह नहीं समझ पाया और उसने दूसरी जगह खुद को विस्फोट के साथ उड़ा लिया।
भारत में भी हमले की धमकी
गौरतलब है कि रविवार को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में वाघा बॉर्डर के पास एक रेस्तरां के बाहर एक आत्मघाती विस्फोट में 57 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 200 से अधिक घायल हो गए थे।
पंजाब पुलिस के महानिरीक्षक मुश्ताक सुखेरा के मुताबिक पाकिस्तान रेंजर्स की परेड देखकर भारी संख्या में लोग बाहर निकल रहे थे तभी आत्मघाती हमलावर ने एक गेट के पास खुद को विस्फोट से उड़ा लिया।
वहीं, पाकिस्तान के आतंकी संगठन जमात-उल-अहरार ने धमकी दी है कि वाघा बॉर्डर के उस पार हुए आत्मघाती हमले की तर्ज पर भारत में भी हमले होंगे। जमात-उल-अहरार उन तीन संगठनों में एक है जिसने इस हमले की जिम्मेदारी ली है।
अलकायदा से जुड़े जुनदुल्लाह और महार मेहसूद ने भी हमले की जिम्मेदारी ली है। ये तीनों संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) से अलग होकर पश्चिमी एशिया के सुन्नी वर्चस्व वाले आईएसआईएस से हाथ मिला चुके हैं।
धमकी को गंभीरता से ले रहा भारत
गृह मंत्रालय के मुताबिक यही वजह है कि बार्डर पर रोज होने वाले इस समारोह को तीन दिन के लिए स्थगित कर उस रास्ते से होने वाली सभी व्यापारिक गतिविधि रोक दी गई थी।
इस बीच इस आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी तीन संगठनों ने लेकर मामले को उलझा दिया है। इन संगठनों ने ट्विटर पर यह जिम्मेदारी ली और एक दूसरे के दावे को गलत बताया।
गृह मंत्रालय के उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक इस हमले को पाकिस्तान का अंदरूनी मामला मानना बड़ी गलती साबित हो सकती है।