पाक में फांसी पर लटकाया गया एक और आतंकी
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पाकिस्तान ने मुल्क के पूर्व फौजी शासक परवेज मुशर्रफ की हत्या की कोशिश के दोषी नियाज मोहम्मद को बुधवार सवेरे सेंट्रल जेल में फांसी दे दी। पेशावर में फौजी स्कूल में पढ़ने वाले मासूम छात्रों की निर्मम हत्या के बाद मौत की सजा पर से रोक हटाए जाने के बाद मुल्क में दी गई यह सातवीं फांसी है।
नियाज पाकिस्तान वायुसेना में जूनियर टेक्निशियन था। उसे पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति मुशर्रफ की हत्या करने की कोशिश का दोषी ठहराया गया था। नियाज को 2003 में पाकिस्तान के पूर्व सेनाध्यक्ष मुशर्रफ की हत्या की कोशिश करने के मामले में मौत की सजा सुनाई गई थी। वह खैबर पख्तूनख्वा सूबे के स्वाबी जिले के बाशिंदा था।
पाकिस्तान के अखबार डॉन के मुताबिक नियाज को तब से मंगलवार तक हरिपुर सेंट्रल जेल में रखा गया था। उसे वहां से हेलीकॉप्टर से मंगलवार को पेशावर सेंट्रल जेल स्थानांतरित किया गया था। आतंकी हमलों की आशंका के मद्देनजर प्रशासन ने बड़ी तादाद में जेल के भीतर और बाहर पुलिस और सैन्य बल को तैनात किया था।
अखबार ने सूत्रों के हवाले से लिखा कि जेल अधीक्षक ने पेशावर के जिला जज को सोमवार को एक खत भेजकर उनसे इस फांसी की निगरानी के लिए मजिस्ट्रेट को नियुक्त करने की गुजारिश की थी।
अभी तक कुल सात आतंकियों को दी फांसी
पेशावर के स्कूल पर हमले के बाद अब तक जिन सात लोगों को फांसी दी गई है उनमें से छह मुशर्रफ की हत्या की नाकाम कोशिश में शामिल थे, जबकि बाकी एक 2009 में सेना मुख्यालय पर हमले में शामिल था।
रावलपिंडी में 14 दिसंबर, 2003 को मुशर्रफ पर पहले जानलेवा हमले की नाकाम कोशिश करने के मामले में पाकिस्तान वायुसेना (पीएएफ) के छह कर्मचारियों को करीब 20 महीनों तक हिरासत में रखने के बाद पीएएफ बेस चकलाला के फील्ड जनरल कोर्ट मार्शल ने 3 अक्तूबर, 2005 को इन लोगों को दोषी ठहराया था।
नियाज के अलावा चार अन्य कर्मचारियों-पूर्व जूनियर टेक्निशियन अदनान राशिद, पूर्व चीफ टेक्निशियन खालिद महमूद, पूर्व सीनियर टेक्निशियन करम दीन और रपोरेल को मौत की सजाई सुनाई गई थी। दोषी ठहराया गया छठा कर्मचारी था जूनियर टेक्निशियन नसरूल्लाह। उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।
पाकिस्तान फौज के एक सिपाही अब्दुल इस्लाम सिद्दीकी पर कोर्ट मार्शल अदालत में इसी मामले में मुकदमा चलाया गया था और उसे दोषी ठहराए जाने के बाद 20 अगस्त, 2005 को फांसी दे दी गई थी।